सलमान की इस दर्दनाक बीमारी पर लखनऊ में चल रहा रिसर्च

मुंबई। सलमान खान की बीमारी अगर किसी गरीब को हुई होती तो वो मर गया होता। सलमान खान खुद इस बीमारी को आत्महत्या बीमारी कहते हैं। इसमें असहनीय दर्द होता है।

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एक रिसर्च के मुताबिक यह बीमारी कभी-कभार ही सामने आती है। इस बीमारी के होने की प्रायिकता प्रति हजार में एक या फिर कभी-कभी 2000 में किसी एक शख्स को होती है। इसमें होने वाले दर्द को बर्दाश्त करने के बजाय लोग आत्महत्या करना पसंद करते हैं। खुद सलमान ने इस बीमारी को आत्महत्या करने वाली बीमारी का नाम दिया था। सबसे अहम बात कि इस खतरनाक बीमारी का भारत में तब कोई इलाज भी नहीं था।

पीजीआई में रिसर्च जारी

हाल ही में लखनऊ के पीजीआई में पहली बार भारत के किसी अस्पताल में इसके इलाज के लिए संयंत्र जुटाए गए हैं। लेकिन इलाज अभी संभव नहीं हो सका है इसपर रिसर्च जारी है।

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असल में इस बीमारी में चेहरे की नसों में भयानक दर्द होता है। डॉक्टर इस बीमारी के बारे में बताते हैं कि यह बहुत ही तकलीफ देती है। इसमें चेहरे की नसों में असहनीय दर्द होता है इससे खाने, पिने और बोलने में काफी परेशानी होती है।

चेरहे पर लगते हैं बिजली के झटके

सलमान के मामले में पता चला था कि उन्हें एक उबला अंडा खाने में कभी-कभी 90 मिनट लग जाते थे। जानकारी के मुताबिक सलमान को सबसे पहले यह दर्द फिल्म पार्टनर की शूटिंग के दौरान उठा था। जब अचानक उनके जबड़े में बेहिसाब दर्द शुरू हो गया था। लेकिन तब सामान्य दर्द मान उन्होंने दर्द की दवाई से इसे शांत कर दिया था। लेकिन जब फिल्म वीर की शूटिंग के दौरान दोबारा दर्द उठा तो उनकी हालत खराब हो गया।

सलमान इसके बारे में बताते हैं कि जब ये बीमारी अपने चरम पर थी, तब उन्हें चेहरे पर बीजली के झटकों का अहसास होता था। वह इस हद तक इससे परेशान हो गए कि अपनी महत्वकांक्षी फिल्म ‘बॉडीगार्ड’ का प्रमोशन छोड़कर देश से भाग गए। उनका बचा हुआ काम उनके बॉडीगार्ड शेरा ने पूरा किया। यहां तक कि जब फिल्म रिलीज हुई तो भी वो अस्पताल के बेड पर पड़े हुए थे।

अब भी जूझ रहे हैं इस बीमारी से 

इस बीमारी का नाम ट्रैजमाइनल न्यूरैलजिया एंड एन्‍यूरिज्‍महै। सलमान ने अगस्त 2011 में अमे‌रिका जाकर इसका इलाज कराया। इसके बारे में खुद सलमान ने एक शो में कहा कि जब सर्जरी चल रही थी, तो गेट पर अरबाज और सोहेल कितने डरे हुए खड़े थे।

सलमान ने बताया कि यह सर्जरी लगभग पांच घंटे चली। इसमें एक क्वाइल की मदद से सलमान मुंह के अंदर के ब्लॉकेज को निकाला गया। तब डाक्टर ने उन्हें चलने-फिरने और बात ना करने की सलाह दी थी। एक समय तक आगे की तरफ न झुकने की भी सलाह दी थी। उन्होंने सात साल तक इस जबर्दस्त जबड़े के दर्द को बर्दाश्त किया और फिर अमेरिका जाकर करोड़ों रुपये खर्च कर के इलाज कराया। पर अब भी सलमान इससे पूरी तरह से निजात नहीं पा पाए हैं।

हाल ही में जब उन्हें बजरंगी भाईजान की शूटिंग कश्मीर की घाटियों में करना था, तो उनकी नाक में सूजन आ गई थी। तब डाक्टरों ने इसे साइनोसाइट्स और पुरानी बीमारी का असर बताया। हाल ही में उनके स्वास्‍थ्य के चलते ही सुल्तान की शूटिंग भी आगे बढ़ाई गई थी।

 

(अमर उजाला साभार)

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