न्यायिक जांच की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने की सीएम केजरीवाल से मुलाकात

नई दिल्ली :   कृषि बिल (Agricultural bill) के विरोध को लेकर दिल्ली की जेलों में बंद आंदोलनकारियों की रिहाई और गुमशुदा व्यक्तियों के संबंध में मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukta Kisan Morcha) के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल में प्रेम सिंह भंगू, राजिंदर सिंह दीप सिंह वाला, इंद्रजीत सिंह, और हरपाल सिंह मुंडल शामिल थे।
संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukta Kisan Morcha) के अनुसार, किसान मोर्चा के नेताओं ने केजरीवाल को 29 गुमशुदा युवकों की एक सूची सौंपी, जो दिल्ली की जेलों में बंद आंदोलनकारियों को सभी मानवीय सुविधाओं की माँग करते हैं।

आंदोलनकारी किसानों को किसी भी समस्या का सामना नहीं करने देंगे

किसान नेताओं ने एक मेडिकल बोर्ड की मांग की और कहा कि यह जांच किसानों पर की गई “पुलिस की बर्बरता” को उजागर करेगी। नेताओं ने पूरे मामले की न्यायिक जांच की भी मांग की, ताकि “26 जनवरी की साजिश” का खुलासा हो सके। किसान नेताओं ने यह भी कहा कि ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को भी जल्द ही किसानों को वापस सौंप दिया जाना चाहिए जो दिल्ली पुलिस की हिरासत में हैं।

केजरीवाल ने आश्वासन दिया कि जेल उनके प्रशासन के अधीन है और वह जेल में आंदोलनकारियों को किसी भी परेशानी का सामना नहीं करने देंगे। दिल्ली सरकार ने 115 किसानों की सूची भी दी, जो तिहाड़ जेल में बंद हैं।

किसान नेताओं को आश्वासन देते हुए केजरीवाल ने कहा कि जो मामले उनके प्रशासन के अधीन नहीं हैं, उसे लेकर वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखेंगे।

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संयुक्त किसान मोर्चा ने पहले ही जेल और लापता युवाओं को मुफ्त कानूनी सहायता और हर संभव मदद देने की घोषणा की है। बता दें कि छह सदस्यीय कानूनी समिति के सदस्य हैं प्रेम सिंह भंगू, राजिंदर सिंह दीप सिंह वाला, किरनजीत सिंह सेखों, इंद्रजीत सिंह, कमलजीत सिंह और विकास इसर।

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