संजीत यादव मर्डर केस: परिजन न्याय की गुहार लगाने को पैदल ही मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ से मिलने निकल पड़े .

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर  में लैब टेक्नीशियन संजीत यादव  के अपहरण और हत्या के मामले में पीड़ित परिवार का सब्र का बाँध  टूटता दिख रहा है।पीड़ित परिवार परेशान हो कर न्याय की गुहार लगाने पैदल ही मुख्यमंत्री से मिलने निकल पडा.परिवार पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे को चकमा दे कर कानपुर से लखनऊ पैदल ही निकल पडा.साथ ही आम लोग भी परिवार के पीछे पीछे हाथों में तख्ती बैनर लेके निकल पड़े.जिनपे संजीत को न्याय दो, संजीत की डेड बॉडी बरामद करो, संजीत की बहन को इंसाफ दो जैसे स्लोगन लिखे हुए थे.

जानकारी मिलने पर प्रशासन के फूले हाँथ पाँव

जब पुलिस को इस बात की सूचना मिली तो पुलिस ने पीड़ित परिवार को बर्रा बाईपास के पास रोकने की कोशिस की . जहाँ पुलिस और पीड़ित परिवार के बीच नोक झोक भी हुई. किसके कारण पीड़ित की मा और बहन एक ट्रक के सामने लेट गई.परिस्थितियां बिगड़ती देख कर पुलिस ने आनन फानन में परिवार को मुख्यमंत्री से मिलाने के वादे के साथ शांत कराया.मृतक के पिता ने एसडीम को अपना ज्ञापन भी सौंपा.

मृतक की बहन ने पुलिस पर लगाये गंभीर आरोप

मृतक संजीत  की बहन रुचि  ने मीडिया से कहा कि उसे पुलिस पर अब बिलकुल भरोषा नहीं है. पुलिस न ही उसके भाई की जान बचा पाई ना ही उसका मृत शरीर ही ला पाई. सीबीआई जांच के नाम पे बस बेवकूफ बना रही है. 15 दिन हो गए सीबीआई को जांच क्यूं नही दे गई कब की कई मामलों में  दो दो दिन में ही सीबीआई को जाँच सौंप दी जाती है.और तो और पुलिस ने सीबिआइ के नाम पर कार्यवाई रोक रखी है.

संजीत की हत्या का पूरा घटनाक्रम

बता दे कि कानपुर  में लैब टेक्नीशियन संजीत यादव का 22 जून को अपहरण हो गया था और 29 जून को अपहरणकर्ता  फिरौती के लिए उसके परिजनों को फोन किया था। पीड़ित परिजनों के मुताबिक अपहरणकर्ता ने 30 लाख की फिरौती मांगी थी जो पीड़ित परिजनों ने पुलिस की मौजूदगी में दिया था। लेकिन पुलिस  ने ना तो अभी तक अपहरणकर्ता को गिरफ्तार किया है ना ही संजीत को जिंदा या मुर्दा बरामद कर पाई।

गौरतलब है कि संजीत के अपहरण के बाद 21 जुलाई को पुलिस ने उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार किया था.पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला  २६ जून को ही संजीत की हत्या कर के उसकी लाश को पांडू नदी में फेंक दिया गया था.तब से अब तक पुलिस को तमाम कोशिस  के बाद भी संजीत की  लाश नहीं मिल पाई है.इस घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 पुलिस वालों को निलंबित कर दिया था.

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