क्रिसमस पे सांता क्लॉज ने की गंगा आरती

क्रिसमस से पहले वारणसी में बुधवार को  सांता क्लॉज की वेशभूषा में श्रद्धालुओं ने गंगा आरती की,वाराणसी का परचम दुुनिया में बुलंद हैं।

वारणसी: क्रिसमस से पहले वारणसी में बुधवार को  सांता क्लॉज की वेशभूषा में श्रद्धालुओं ने गंगा आरती की।

काशी को यूं ही दुनिया का सबसे जीता जागता शहर नहीं कहा जाता हैं। एक तरफ ये धर्म और आस्था का केंद्र है तो दूसरी तरफ ये कला और साहित्य का भी आकर्षण का केंद्र हैं। ऐसे ही एक हुनर वाराणसी का परचम दुुनिया में बुलंद किए हुए हैं।

रोम के पादरी पहनें काशी में बना गाउन 

यह कला है एनशिएंट रोमन तरीका, हैंड एंब्राॅडरी, जिसे बनारस के हथकरघा बुने वाले व जरी-जरदोजी ले हुनरमंदों ने अपनाकर पशिचमी देशों को अपने फैन बना लिए हैं।क्रिसमस पर जब वेटिकन सिटी समेत ग्रीस, इटली व अमेरिकी चर्च के पादरी तैयार होकर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराएंगे, तो उनके शरीर पर सजा लबादा काशी की अनूठी करीगरी का होगा।

वर्ष 2005 में बनारस के सैयद हसन अंसारी प्रर्दशनी में भाग लेने पहली बार जर्मनी गए थे। वहां उनकी मुलाकात कुछ ट्रेडर्स से हुई, जो बनारसी हैंडलूम कारीगरी के दीवाने हो गए। उन्होंने फैब्रिक की कुछ अलग डिजाइन को डेवलप करने को दीं। इसी के साथ बुनकारी व एंब्राॅडरी का काम शुरु हुआ और लगातार मिलने लगे।

हर साल ईसा मसीह के जन्मदिन के अवसर पर  क्रिसमस का त्योहार मनाया जाता है। ‘क्रिसमस’ ईसा धर्म का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता हैं। इसे भारत में बड़े दिन के नाम से भी जाता है। दुनिया के ज्यादातर देशों में यह त्योहार हर 25 दिसंबर के दिन मनाया जाता हैं।

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