संवासिनी की मौत से नारी निकेतन फिर घेरे में, सीेएम ने दिये जांच के आदेश

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देहरादून। राजधानी में हाल ही में एक संवासिनी के शारीरिक शोषण का मामला गर्माया हुआ है। इससे सरकार के साथ ही नारी निकेतन की भी खासी किरकिरी हुई है। इस बीच नारी निकेतन में ही एक और संवासिनी की संदिग्ध स्थितियों में मौत हो गई। संवासिनी को नारी निकेतन के दो कर्मचारी दून अस्पताल में भर्ती कराने लाए थे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत बताकर भर्ती करने से इंकार कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण मल्टी आर्गन का फेल होना (शरीर के कुछ  अंगों का काम नहीं करना) बताया गया है। जबकि, बीती 21 दिसंबर से अस्पताल में भर्ती एक और संवासिनी की हालत भी शुक्रवार को अचानक बिगड़ गई। उसे नाजुक हालत में आईसीयू में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी उपचार के दौरान आज मौत हो गयी।

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बता दें कि, नारी निकेतन में बीते आठ सालों से रह रही संवासिनी शिवानी गुप्ता (35) को नारी निकेतन के दो कर्मचारी दून अस्पताल लेकर पहुंचे। इमरजेंसी मेडिकल आफिसर डॉ. नवनीत बेदी ने चेक करने के बाद संवासिनी को मृत घोषित कर दिया। डॉ. बेदी का कहना था कि संवासिनी को मृत अवस्था में अस्पताल में लाया गया था। अस्पताल आये नारी निकेतन कर्मचारी ज्यादा कुछ नहीं बता सके। हालांकि संवासिनी की मौत की खबर आग की तरह फैली और उससे खासी सनसनी मच गई।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मल्टी आर्गन फेलियर की बात

एक और संवासिनी की मौत की सूचना पाते ही नारी निकेतन में संवासिनी से रेप और गर्भपात मामले की जांच कर रही विवेचक कविता चौधरी टीम के साथ अस्पताल पहुंची। उन्होंने नारी निकेतन और अस्पताल कर्मियों से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। डीएम के आदेश पर गठित मेडिकल बोर्ड से संवासिनी के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण मल्टी आर्गन फेलियर (शरीर के कई अंगों के काम न करना) बताया गया है। शिवानी को 17 दिसंबर को बीमार होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सेहत ठीक होने पर 21 दिसंबर को उसको अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई थी। इसके बावजूद उसकी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिये हैं। जबकि, एक सप्ताह पहले से भर्ती एक अन्य संवासिनी रेखा की हालत भी शुक्रवार को अचानक बिगड़ गई। नाजुक हालत में उसे आईसीयू में भर्ती किया गया था। उसे डायरिया की शिकायत बतायी गयी थी। और उपचार के दौरान उसकी भी आज मौत हो गयी।

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सीएम हरीश रावत के सख्त निर्देश

बीते 24 घंटों में दो संवासिनी की मौत पर सीएम हरीश रावत ने चिंता जताई है। मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि वे डीएम को सभी संवासिनियों की मौत पर जांच करने का आदेश देंगे। इसके साथ ही मामले में किसी प्रकार की कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जो भी जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जायेगी।

 

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अधिकारियों की जुबानी

संवासिनी की संदिग्ध मौत पर एसपी सिटी अजय सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो गया है कि संवासिनी की मौत बीमारी के कारण कई अंगों के काम नहीं करने की वजह से हुई। पुलिस की जांच पड़ताल में भी संवासिनी के कुछ समय से बीमार होने की बात सामने आई थी। वहीं समाज कल्याण विभाग निदेशक बी एस धानिक के अनुसार शिवानी गुप्ता कुछ समय से बीमार थी, जिसे उपचार के लिए पहले भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार सुबह को उसकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ी। उपचार के लिए अस्पताल भी ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

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