सरबजीत बनी चंडीगढ़ की मेयर, भाजपा और आप मे छिड़ा सियासी घमासान

चंडीगढ़| सरबजीत कौर के रूप में चंडीगढ़ को एक ऐसा नया मेयर प्राप्त हुआ है जो पहले पार्षद का चुनाव तक नहीं लड़ना चाहती थी और लड़ी तो सीधे जीत कर मेयर का पद प्राप्त कर लिया । जानकारी के लिए बता दें सरबजीत कौर चंडीगढ़ के सेक्टर-13 मनीमाजरा की रहने वाली हैं। वह पहली बार नगर निगम चुनाव अपने वार्ड नंबर-6 से लड़ी और पार्षद के तौर पर जीतकर नगर निगम पहुंचीं। इस वार्ड की सीट महिला के लिए आरक्षित होने के बाद भाजपा ने सरबजीत कौर को उम्मीदवार बनाया था। चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने पहले इनकार कर दिया क्योंकि वह अपनी बेटी की सेवा करना चाहती थीं। लेकिन पार्टी के समझाने के बाद वह चुनाव लड़ी और पहली दफा में ही उन्होंने जीत दर्ज की।

सरबजीत की जीत के बाद आप और भाजपा के बीच सियासी युद्ध जारी:-

बीजेपी की सरबजीत को चडीगढ़ की मेयर का पद मिलने के बाद आम आदमी पार्टी बीजेपी पर लगातार धांधली का आरोप लगा रही है। वहीं चुनाव में हुई धांधली का विरोध करने हेतु मेयर की कुर्सी के पीछे बैठ गए हैं और आम आदमी पार्टी की पार्षद मेयर की कुर्सी के बगल में कुर्सी लगाकर बैठे गईं हैं जिसे पुलिस की मदद से हटाया गया । जानकारी के लिए बता दे मेयर का चुनाव कुल 28 वोट पर हुआ। चुनाव के दौरान भाजपा के खेमे में 14 वोट व आम आदमी पार्टी के खेमे में 13 वोट आए। एक वोट अवैध घोषित किया गया और भाजपा ने जीत हासिल की।

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