केजरीवाल के साथ भूख हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन अस्पताल में भर्ती

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आठ दिनों से उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास पर धरने पर बैठे हैं। वहीं सीएम केजरीवाल के साथ धरने पर बैठे स्वास्थ्य मंत्री सत्यैंद्र जैन की तबीयत देर रात खराब हो गई।  इसके बाद उन्हें लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहाँ उनकी सेहत में सुधार बताया जा रहा है।

सत्यैंद्र जैन

मिली जानकारी के मुताबिक कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सत्येंद्र जैन को देर रात सांस लेने में तकलीफ और सिरदर्द की शिकायत के बाद लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने देर शाम उनक मेडिकल चेक अप किया जिसके बाद उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने का फैसला किया गया।   

लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन अब बिल्कुल ठीक हैं और उनकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है। केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘सत्येन्द्र जैन की तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।’

आपको बता दें कि पिछले आठ दिनों से सीएम केजरीवाल के साथ डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और गोपाल राय राजनिवास पर धरना दे रहे हैं। वहीँ देर रात सत्येंद्र जैन की तबियत बिगड़ने के बाद उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अनशन खत्म करने की अपील की है। उनका कहना है जब कहीं सुनवाई न हो तो फिर अनशन का काया फायदा।

सीएम का  आईएएस अधिकारियों को सुरक्षा आश्वासन 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को आईएएस अधिकारियों को उनकी सुरक्षा का आश्वासन दिया और उनसे काम पर लौटने तथा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने का आग्रह किया। केजरीवाल ने अपने ट्विटर खाते पर जारी एक पत्र में कहा है, “मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं अपनी पूरी शक्ति और उपलब्ध संसाधनों से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करूंगा। मैं पहले भी कई अधिकारियों को इस तरह का आश्वासन दे चुका हूं, जिन्होंने मुझसे अकेले में मुलाकात की थी। मैं आज फिर इसे दोहराता हूं।”

आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन का आरोप

आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन ने रविवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्हें इस सरकार में अपनी सुरक्षा को लेकर भय है और उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरशाहों पर हमलों के मामलों के बावजूद मुख्यमंत्री की तरफ से कोई आश्वासन नहीं मिला है।

अधिकारियों ने कहा, “हम सभी के हमले के कई अनुभव हैं। यदि हम सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे तो हम बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। हमने नियम से आगे जाकर काम किया है, ताकि जनता को तकलीफ न हो, उनके काम न रुके, लेकिन हम अपनी जिंदगी की कीमत पर काम नहीं करेंगे।”

आईएसएस एसोसिएशन की सचिव मनीषा सक्सेना ने रविवार अपराह्न् संवाददाताओं से कहा, “हम वहां नहीं जाते, जहां हम असुरक्षित महसूस करते हैं। काम करने के लिए हमें विश्वास की एक संस्कृति की जरूरत है।” सक्सेना एक डिविजनल कमिश्नर हैं और कला, संस्कृति, भाषा की सचिव भी हैं।

उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा है कि आईएएस अधिकारी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी सभी वैधानिक बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं और काम कर रहे हैं।

 

 

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