SC ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन को हटाने सम्बंधित याचिका को किया खारिज

यदि हम एक अधिवक्ता को ऐसा करने की अनुमति देंगे तो कुछ अन्य अधिवक्ता भी अपने आवेदन के साथ सामने आ जायेंगे।

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने अपने दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश एन वी रमना और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के खिलाफ अभद्र टिप्पणी को लेकर मुख्यमंत्री वाई एस आर जगनमोहन रेड्डी के खिलाफ कार्रवाई संबंधी याचिका मंगलवार को खारिज कर दी।

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की खंडपीठ ने अभद्र टिप्पणी के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ कार्रवाई की मांग ठुकरा दी।

खंडपीठ ने पेशे से वकील जी एस मणि की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें  रेड्डी को मुख्यमंत्री पद से हटाने की यह कहते हुए मांग की गयी थी कि मुख्यमंत्री ने न्यायमूर्ति रमना और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के बारे में अभद्र टिप्पणी की थी।

पीठ ने याचिकाकर्ताओं को पहले से एक अन्य पीठ के समक्ष लंबित मामले में हस्तक्षेप करने की अनुमति देने से भी इंकार कर दिया। पीठ ने कहा, “उस न्यायालय को इस बारे में निर्णय करना है। कि हम एक ही विषय पर हस्तक्षेप के लिये सैकड़ों आवेदन दाखिल करने की अनुमति नहीं दे सकते। आप समाचार पत्रों से कुछ भी उठा लें और आप जो चाहें उसे अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल कर दें। यदि हम एक अधिवक्ता को ऐसा करने की अनुमति देंगे तो कुछ अन्य अधिवक्ता भी अपने आवेदन के साथ सामने आ जायेंगे।”

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