कल 21 सितंबर से खुलेंगे स्कूल, राज्य सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन

कल 21 सितंबर से खुलेंगे स्कूल, राज्य सरकार ने जारी की नई गाइडलाइनजयपुर: राजस्थान में 9वीं से 12वीं तक के छात्र अब अपनी मर्ज़ी से स्कूल जा सकेंगे। इसके मार्फ़त राज्य के गृह विभाग ने शनिवार को नई गाइडलाइन जारी कर दी है। स्कूल जाने के लिए अभिभावकों की मंज़ूरी जरुरी होगी। 30 सितम्बर तक ये गाइडलाइन जारी रहेगी। बता दें की केंद्र ने राज्यों को 50 प्रतिशत टीचिंग/नॉन टीचिंग स्टाफ के साथ स्कूल खोले की अनुमति पूर्व में दी थी। Unlock-4 में केंद्र ने 21 सितम्बर से स्कूलों में 50 प्रतिशत टीचिंग/नॉन टीचिंग स्टाफ के साथ स्कूल खोलने के दिशा निर्देश दिए हैं। साथ ही 9वीं से 12वीं तक के छात्र अभिभावकों की अनुमति पर टीचिंग स्टाफ से मिल सकेंगे।

नहीं होगी नियमित कक्षाएं-

स्वस्थ्य मंत्रालय के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक संस्थान और कोचिंग संस्थान 30 सितंबर तक नियमित कक्षाएं नहीं ले सकेंगे। साथ ही स्कूल में प्रवेश करने वाले सभी लोगों को मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना, थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना होगा। केंद्र सरकार द्वारा जारी SOP में दिशा-निर्देश के अनुसार, 21 सितंबर से स्कूल खोले जा सकते हैं, लेकिन सरकार के दिशा-निर्देशों को मानना होगा। इस दौरान केवल 9वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्र ही अभिभावकों की अनुमति से स्कूल जा सकते हैं। इसके लिए पैरेंट्स की लिखित में सहमति लेनी होगी।

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गाइडलाइन में शिक्षकों और छात्रों के बीच 6 फीट की दूरी-

शिक्षकों और छात्रों और अन्य सभी लोगों के बीच 6 फ़ीट की दूरी को अनिवार्य किया गया है। स्कूल के गेट पर थर्मल स्कैनिंग करना अनिवार्य होगा। स्कूलों को प्रांगण में में सैनिटाइजेशन करने के साथ ही हाथ धोने के लिए साबुन भी रखना होगा। एसओपी में यह स्पष्ट किया गया है कि बच्चों को स्कूल जाने के लिए किसी भी तरह से बाध्य नहीं किया जाएगा। अगर बच्चे चाहते हैं कि वह स्कूल जाकर किसी विषय से संबंधित अपने अध्यापक से कोई परामर्श लें, तो ऐसे में वह स्कूल आ सकते हैं।

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प्रार्थना, खेल-कूद करवाने पर रहेगी रोक-

छात्रों को स्कूल प्रांगण में एक जगह एकत्र होने पर रोक रहेगी। प्रार्थना, खेलकूद की गतिविधियां नहीं होंगी। जिन छात्रों में जुखाम, खांसी और बुखार जैसे लक्षण होंगे उन्हें स्कूल में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। अगर किसी छात्र को तबीयत ख़राब लगती है तो उसे इसकी सूचना तुरंत देनी होगी। स्कूल प्रांगण में साफ़ सफाई का प्रबंध भी होना जरुरी है।

 

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