वैज्ञानिक का दावा, ‘कोरोना वैक्सीन कोरोना के नए वैरिएंट पर भी कारगर’

प्रोफेसर राघवन ने कहा कि अधिकतर वैक्सीन वायरस के उपर के स्पाइक प्रोटीन को लक्ष्य बनाते हैं और कोरोना वायरस के इस नए वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में परिवर्तन है।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर विजय राघवन ने मंगलवार को आश्वासन देते हुए कहा कि कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में पाये गए कोरोना के नये स्ट्रेन के खिलाफ भी कारगर साबित होगी और इस विषय में अभी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।

सलाहकार विजय राघवन ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार मंत्रालय की हुई नियमित साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि अभी तक ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है कि जो कोरोना वैक्सीन देश में या विदेश में पाइपलाइन में हैं। वे ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में पाए गए कोरोना के नए वैरिएंट से बचाव नहीं कर पाएगी।

प्रोफेसर राघवन ने कहा कि अधिकतर वैक्सीन वायरस के उपर के स्पाइक प्रोटीन को लक्ष्य बनाते हैं और कोरोना वायरस के इस नए वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि इसी कारण लोग यह सोच रहे हैं कि क्या मौजूदा कोरोना वैक्सीन या जो पाइपलाइन में हैं, वे इस नये वैरिएंट के खिलाफ काम कर पाएंगी। उन्होंने बताया कि वैक्सीन लेकिन हमारी रोगप्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है। जिससे बड़े स्तर पर एंटीबॉडीज निर्माण होता है। ये एंटीबॉडीज नये वैरिएंट के खिलाफ काम करने के लिए पर्याप्त है।

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