वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, डायनासोर्स को भी होता था डैंड्रफ

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नई दिल्ली। हाल ही में डायनासोर पर हुए एक रिसर्च ने लोगों को चौंका रखा है। रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ कि सांप, छिपकली की तरह डायनासोर भी अपनी त्वचा बदल सकते थे। साथ ही यह बात भी सामने आई कि इतने विशालकाय जानवर को डैंड्रफ भी होता था और उनके लिए यह कैसे मुमकिन होता था कि वह अपनी त्वचा को बदल सकें। इस बात का खुलासा 125 साल बाद वैज्ञानिकों ने हाल ही में किया। आइए जानते हैं पूरी सच्चाई-

वैज्ञानिकों ने पर्दा उठाते हुए कहा है कि करीब 125 मिलियन वर्ष पुराने डैंड्रफ के अवशेषों ने जिन्‍होंने ये बताया कि डायनासोर को भी रूसी होती थी और जिसकी वजह से वह त्वचा बदलने में समर्थ होते थे। वहीं एकमात्र जरिया थी उनकी त्वचा बदलने का। प्राप्‍त हुआ यह जीवाश्म डैंड्रफ कॉर्नियोसाइट्स नामक कठिन कोशिकाओं से बना है, जो सूखे प्रोटीन केराटिन से भरा है। इन अवशेषों के मिलने के बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह भी अपनी त्वचा बदलते रहे होंगे।

जनरल नेचर कम्‍युनिकेशन में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार प्राणियों की आधुनिक त्वचा मध्‍य जुरासिक काल के आसपास विकसित होनी आरंभ हुई होगी, ये लगभग वही समय था जब त्‍वचा से जुड़े तमाम परिर्वतन शुरू हुए थे। इसी दौरान के मिले डैंड्रफ के इस अवशेष में डायनासोर के त्‍वचा बदलने राज छिपे हैं।

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