आतंकी खतरे की आशंका से मेले में सुरक्षा निगरानी बढ़ी

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Magh-Mela
इलाहाबाद।
आतंकी हमले को लेकर माघ मेले में जिला प्रशासन की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई है। पठानकोट में हुए हमले के बाद माघ मेले की सुरक्षा और बढ़ाई दी गई है। हेलीकाप्टर, ड्रोन, कमांडो और खुफिया सेल से माघ मेला क्षेत्र की  निगरानी की जाएगी।

आठ दिन बाद शुरू होने जा रहे माघ मेले पर भी पठानकोट आतंकी हमले का साया दिखने लगा है।  पहले भी माघ मेले को आतंकियों के निशाना बनाने की आशंका के बीच पुलिस ने मेले की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे लेकिन इस हमले के बाद चिंता और बढ़ गई है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मेले में मुख्य स्नान पर्वों की निगरानी के लिए हेलीकाप्टर और ड्रोन कैमरे का भी सहारा लिया जाएगा। हवाई निगरानी का मकसद यह है कि कोई भी खतरा होते ही कमांडो तत्काल मौके पर पहुंच सकें।
ALD PIC (3)जल थल एवं नभ से होगी सुरक्षा
मेले की सुरक्षा से जुड़े  अधिकारियों के मुताबिक मेले में जमीन पर पुलिस और कमांडो के अलावा हेलीकॉप्टर से भी निगरानी होगी। इसके अलावा गंगा, यमुना और संगम में पानी के अंदर से निगरानी के लिए भी जल पुलिस तैनात रहेगी।

हालिया आतंकी हमले के बाद मेले की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्य स्नान पर्वों की हवाई निगरानी का फैसला लिया गया है। गौतरलब है कि मकर संक्रांति, बसंत पंचमी, मौनी अमावस्या और पूर्णिमा के मुख्य पर्वों पर लाखों लोगों की भीड़ संगम आती है।

फिलहाल मेले की सुरक्षा जिला पुलिस और पीएसी के हवाले है। मुख्य पर्वों के लिए ब्लैक कैट कमांडो भी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा स्थानीय खुफिया विंग, आईबी और एटीएस भी मेले की निगरानी में लगे हुए हैं।

ऐसा होगा सुरक्षा घेरा
मेला क्षेत्र को दो जोन और छह सर्किल में बांटा गया है। 12 पुलिस थाने और 36 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। जिला पुलिस के अलावा एक दर्जन कंपनी से अधिक पीएससी तैनात हैं। इसके अलावा चार कंपनी आरएएफ, 10 क्विक रिस्पॉंस टीम, 3 यूनिट फ्लड कंपनी, दो कंपनी ब्लू हॉक और ब्लैक कैट कमांडो सहित जल पुलिस, घुड़सवार पुलिस और गोताखोर तैनात रहेंगे। चिन्हित स्थानों पर वाच टॉवर बनाए गए हैं साथ ही बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा मेला क्षेत्र के रास्ते में भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई है।

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