जयपुर में पाकिस्तानी कैदी हत्या के बाद अन्य जेलों में बढ़ी सुरक्षा ,देहरादून जेल में सिक्यूरिटी अलर्ट

उत्तराखंड: जयपुर के सेंट्रल जेल में पाकिस्तानी कैदी की हत्या के बाद दून जेल में बंद कैदी की भी सुरक्षा और बढ़ा दी है। आईजी जेल की ओर से अलर्ट जारी करने के बाद पाकिस्तानी कैदी को अलग बैरक में रखा गया है। साथ ही जेल प्रशासन को गतिविधियों पर नजर रखने के भी आदेश जारी किए हैं।बुधवार को जयपुर सेंट्र्रल जेल में कैदियों ने एक पाकिस्तानी कैदी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है पाकिस्तानी कैदी आतंकी गतिविधियों में शामिल होने और जासूसी के आरोप में वहां बंद था।पुलवामा हमले के बाद उसने साथी कैदियों के साथ पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी कर दी। इससे गुस्साए हिंदुस्तानी कैदियों ने उससे मारपीट कर दी। मामला उस समय शांत हो गया था, लेकिन कुछ देर बाद उसका शव बैरक में पड़ा मिला।खबरों के अनुसार कैदियों ने उसकी पीट-पीट कर हत्या की है। इस घटना के बाद देहरादून जेल में भी अलर्ट जारी कर दिया है। आईजी जेल पीवीके प्रसाद ने बताया कि एक पाकिस्तानी मूल का युवक अमान यहां दुष्कर्म के दोष में 10 वर्ष की सजा काट रहा है।

झगड़े या किसी अनहोनी की आशंका पर उसकी सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। इन आदेशों के बाद जेल प्रशासन ने उसे अन्य कैदियों से अलग कर सामान्य बैरक में अकेले बंद किया है। साथ ही जेल में पहरा बढ़ाने के निर्देश दे दिए हैं।वर्ष 2013 में चकराता रोड निवासी एक युवती ने अमान के खिलाफ शिकायत की थी। आरोप था अमान ने उससे दो साल तक दुष्कर्म किया और फिर ब्लैकमेल करने लगा। आरोप यह भी था कि जब युवती ने अपना मोबाइल नंबर बंद किया तो उसने उसके साथ मारपीट भी की।पुलिस पड़ताल में पता चला कि वह देवबंद का रहने वाला है। कुछ समय पहले पुलिस ने उसे एक मामले में देवबंद पुलिस के हवाले भी किया था।अगस्त-2013 में पुलिस ने आरोपी अमान को खुफिया ने जब अमान के संबंध में जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह मूल रूप से पाकिस्तान का रहने वाला है। वह बचपन में अपनी मां के साथ देवबंद आ गया था। देवबंद में उसका एक रिश्तेदार पुलिस में भी था। साल-2016 में उसे देहरादून सेशन कोर्ट ने दुष्कर्म के दोष में 10 साल की सजा सुनाई थी। वर्ष 2013 से वह जेल में बंद है।

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