शेयर बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव का दौर, सेंसेक्स, निफ्टी में रही कम तेजी 

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मुंबई: बीते सप्ताह शेयर बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव का दौर रहा और कारोबारी सप्ताह की समाप्ति में मामूली तेजी दर्ज की गई। साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 78.65 अंकों या 0.21 फीसदी की तेजी के साथ 37,947.88 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 41.25 अंकों या 0.36 फीसदी की तेजी के साथ 11,470.75 पर बंद हुआ।

साप्ताहिक आधार पर बीएसई का मिडकैप सूचकांक 95.66 अंकों या 0.59 फीसदी की तेजी के साथ 16,306.44 पर बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक 82.01 अंकों या 0.49 फीसदी की तेजी के साथ 16,866.21 पर बंद हुआ। सोमवार को सेंसेक्स में 224.33 अंकों या 0.59 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 37,644.90 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 73.75 अंकों या 0.65 फीसदी की गिरावट के साथ 11,355.75 पर बंद हुआ।

मंगलवार को शेयर बाजार में तेजी लौटी और सेंसेक्स 207.10 अंकों या 0.55 फीसदी की तेजी के साथ 37,852 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 79.35 अंकों या 0.70 फीसदी की तेजी के साथ 11,435.10 पर बंद हुआ। बुधवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहे।

गुरुवार को बाजार में एक बार फिर गिरावट का दौर रहा और सेंसेक्स 188.44 अंकों या 0.50 फीसदी की गिरावट के साथ 37,663.56 पर बंद हुआ तथा निफ्टी 50.05 अंकों या 0.44 फीसदी की गिरावट के साथ 11,385.05 पर बंद हुआ। शुक्रवार को शेयर बाजारों में अच्छी तेजी दर्ज गई और सेंसेक्स 284.32 अंकों या 0.75 फीसदी की तेजी के साथ 37,947.88 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 85.70 अंकों या 0.75 फीसदी की तेजी के साथ 11,470.75 पर बंद हुआ।

बीते सप्ताह सेंसेक्स के तेजी वाले शेयरों में प्रमुख रहे – टीसीएस (0.9 फीसदी), टाटा स्टील (0.88 फीसदी), कोल इंडिया (1.88 फीसदी), भारती एयरटेल (0.58 फीसदी) और सन फार्मा (12.59 फीसदी)। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे – रिलायंस इंडस्ट्रीज (0.05 फीसदी), वेदांत (3.98 फीसदी), लार्सन एंड टूब्रो (1.94 फीसदी), कोटक महिद्रा बैंक (1.85 फीसदी) और मारुति सुजुकी (0.03 फीसदी)।

आर्थिक मोर्चे पर, देश के औद्योगिक उत्पादन में जून में सात फीसदी तेजी दर्ज की गई है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा 10 अगस्त को जारी आंकड़ों के मुताबिक, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में जून में साल-दर-साल आधार और क्रमिक आधार पर दोनों हिसाब से तेजी दर्ज की गई। इस सूचकांक में मई में 3.20 फीसदी की तेजी दर्ज की गई थी। हालांकि पिछले साल के मई में इसमें 0.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।

खाने पीने की चीजों और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में आई नरमी से जुलाई में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति दर घटकर 5.09 फीसदी रही, जोकि जून में 5.77 फीसदी थी। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी डब्ल्यूपीआई आंकड़ों के मुताबिक, साल 2017 के जुलाई में थोक मुद्रास्फीति दर बढ़कर 1.88 फीसदी रही थी।

मंत्रालय ने अपने समीक्षा बयान में कहा, “चालू वित्त वर्ष में अब तक बिल्ड-अप मुद्रास्फीति दर 2.92 फीसदी रही है, जबकि पिछले साल के इसी महीने में यह 0.62 फीसदी थी।” क्रमिक आधार पर, प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में 1.73 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि जून में इसमें 5.30 फीसदी की वृद्धि हुई थी। प्राथमिक वस्तुओं का डब्ल्यूपीआई में भार 22.62 फीसदी है।

वहीं, खाने-पीने की चीजों की कीमतों में गिरावट के साथ देश की खुदरा मुद्रास्फीति में जुलाई में नरमी दर्ज की गई है और यह 4.17 फीसदी पर रही, जबकि जून में यह 4.92 फीसदी पर थी। आधिकारिक आंकड़ों से सोमवार को यह जानकारी मिली। हालांकि, साल-दर-साल आधार पर इस साल जुलाई में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पिछले साल के इसी महीने की तुलना में अधिक रही। साल 2017 के जुलाई में सीपीआई की दर 2.36 फीसदी रही थी।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) जुलाई में 1.37 फीसदी रहा, जबकि जून में यह 2.91 फीसदी पर था।

देश के निर्यात में जुलाई में 14.32 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और कुल 25.77 अरब डॉलर का निर्यात किया गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में कुल 22.54 अरब डॉलर का निर्यात किया गया था, लेकिन इस दौरान आयात में दोगुनी से ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई है। इस कारण व्यापार घाटा बढ़कर 18 अरब डॉलर हो गया है। आधिकारिक आंकड़ों से मंगलवार को यह जानकारी मिली।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इंजीनियरिंग गुड्स, पेट्रोलियम उत्पाद, रत्न और आभूषण, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन, और ड्रग व फार्मास्यूटिकल्स में निर्यात में समीक्षाधीन माह में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। मंत्रालय ने अपने समीक्षा बयान में कहा, “वित्त वर्ष 2018-19 की अप्रैल-जुलाई अवधि में कुल 108.24 अरब डॉलर मूल्य का निर्यात किया गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कुल 94.76 अरब डॉलर का निर्यात किया गया था, जोकि 14.23 फीसदी की वृद्धि दर है।”

आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में देश के आयात में सालाना आधार पर 28.81 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई, जोकि 43.79 अरब डॉलर रहा। जबकि 2017 के जुलाई में यह 33.99 अरब डॉलर था।

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