Blood donation संस्था पर लगा गंभीर आरोप, खुलेआम करते थे ये काम..

गोण्डा पुलिस द्वारा कहा गया है कि संस्था खून के नाम पर काला धंधा करती है। इस मामले में गोंडा पुलिस द्वारा कई संदिग्ध लोगो को गिरफ्तार किया गया था।

गोण्डा: यूपी के गोंडा ज़िले की एक ब्लड डोनेशन संस्था द गोल्डन ब्लड जो पिछले कई महीनो से लोगो की निस्वार्थ सेवा कर रही है।  अब संस्था द गोल्डन ब्लड पर खून के काले कारोबार का आरोप लगा है। गोंडा पुलिस द्वारा कहा गया है कि संस्था खून के नाम पर काला धंधा करती है। इस मामले में गोंडा पुलिस द्वारा कई संदिग्ध लोगो को गिरफ्तार किया गया था।

बतादें इसमें ऐसे लोगो को भी गिरफ्तार किया गया है जो निष्पक्ष रूप से ब्लड डोनेशन का काम करते है। जिसमे द गोल्डन ब्लड के अध्यक्ष अल्मास खान जिला सचिव मो इमरान और सचिव मो इल्यास का नाम शामिल है। संस्था ज़िले में 8 जगहों पर बड़े पैमाने पर कैम्प लगा चुकी है। जिसमें सैकड़ो ज़रूरतमंदो को मदद भी मिल चुकी है। इस कैम्प में गोंडा की जानीमानी हस्तियां शिरकत करती है और ब्लड डोनेट कर अपना योगदान देती रहती है। इसमें शहर के छात्र, समाजसेवी, बिजनेसमैन, डॉक्टर्स और ऐसे तमाम लोग शामिल होते है। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि उनके पास इस बात का सबूत है कि सभी कैम्प गोंडा CMO की अनुमति से लगाया गया था।

दर्ज किया गया मुकदमा

जब भी ज़िले में कैम्प लगे है उसकी अनुमति संस्था ने CMO से लिखित रूप में ली थी और यहीं नहीं हर बार CMO द्वारा डॉक्टरों की गठित टीम भी कैम्प के लिए भेजी जाती थी। वही दूसरी तरह गोंडा डीएम मारकंडे शाही ने बताया कि यह संस्था ना तो CMO के यहाँ अधिकृत है और ना ही ड्रग्स एन्ड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत इसका रेजिस्ट्रेशन है। जिसके बाद इन पर धारा 27,28,419 और 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एक तरफ CMO संस्था को अनुमति देते है और दूसरी तरफ डीएम साहब कहते है कि संस्था अधिकृत नहीं है।

अब सवाल यह उठता है कि अब तक किसकी इजाज़त से ये संस्था काम कर रही थी या फिर अब किसके कहने पर इस संस्था को समाजसेवा से रोका जा रहा है कहीं ऐसा तो नहीं कि संस्था के निस्वार्थ काम करने से उन लोगो का दिक्कत आ रही है जो पिछले कई सालो से खून की कालाबाज़ारी में पैसा बना रहे थे कहीं इसमें ज़िले के स्वास्थ महकमें की कोई पेच तो नहीं फस रही जिस वजह से खुद को बचाने के लिए एक गैर सरकारी संस्था को निशाना बनाया जा रहा।

द गोल्डन ब्लड को इन्साफ मिले

अब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है जी हाँ जानी मानी ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर ने पुलिस की कार्यवाही पर सवालिया निशान उठा कर उन्हें कटघरे में खड़ा कर दिया है नूतन ठाकुर ने संस्था के लोगो को निर्दोष बताया है। और कहा है कि जो मुकदमा दर्ज किया गया है वह पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत है। जिसके बाद अब ये मामला ह्यूमन राइट्स कमीशन के पास पहुँच गया है। इस मामले के बाद गोंडा के तमाम सामजसेवी संस्थायें और NGOS  ने कहा है कि अगर द गोल्डन ब्लड को इन्साफ नहीं मिला तो अब वह किसी भी तरह की समाजसेवा नहीं करेंगे।

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