कोविशील्ड के आपात इस्तेमाल के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ने डीसीजीआई से मांगी मंजूरी

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला ने सोमवार को इस बात की पुष्टि की है

नयी दिल्ली: सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला ने सोमवार को इस बात की पुष्टि की है कि उनकी कंपनी ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन ‘कोविशील्ड’ के आपातकालीन इस्तेमाल के लिए भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) से अनुमति मांगी है।

श्री पूनावाला ने सोमवार को ट्वीट करके कहा, “वादे के अनुसार, वर्ष 2020 खत्म होने से पहले सीरम इंस्टीट्यूट ने पहली भारत निर्मित कोरोना वैक्सीन ‘कोविशील्ड’ के आपात इस्तेमाल के लिए आवेदन किया है। इससे अनगिनत जिंदगियां बचेंगी और मैं भारत सरकार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमूल्य सहयोग के लिए धन्यवाद देता हूं।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद्

गौरतलब है कि कोविशील्ड ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित है और एसआईआई भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद् (आईसीएमआर) के सहयोग से भारत में इस वैक्सीन का दूसरे और तीसरे चरण का मानव परीक्षण कर रहा है। एसआईआई साथ ही भारत में इस वैक्सीन का निर्माण भी कर रहा है।

सूत्रों के अनुसार, एसआईआई इस वैक्सीन की चार करोड़ डोज बना चुका है। यह वैक्सीन दो से आठ डिग्री के तापमान पर रखी जाती है, इसीलिए ऐसा कहा जा रहा है कि भारत में इसका इस्तेमाल अधिक आसान है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले दवा कंपनी फाइजर ने अपनी कोरोना वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए डीसीजीआई के समक्ष गत चार दिसंबर को आवेदन किया था। फाइजर की वैक्सीन के इस्तेमाल के लिए ब्रिटेन और बहरीन में मंजूरी दी जा चुकी है। ब्रिटेन में मंगलवार से टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हो जायेगा।

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