शराब घोटाले की जांच के लिए एसईटी ने मांगा दो महीने का समय,पहुची मुख्यमंत्री के पास फ़ाइल

नई दिल्ली: पंजाब हरियाणा में शराब घोटाले की जांच के लिए एसईटी ने सरकार से 31 मई की समय सीमा दो माह तक बढ़ाने की मांग की है। फाइल मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक समय सीमा बढ़ाया जाना तय है।इस बीच सरकार की ओर से एसईटी में शामिल एडीजीपी सुभाष यादव के सेवानिवृत्ति के आर्डर जारी कर दिए गए हैं। वे 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। पहले ये अटकले थीं कि एसईटी की समय सीमा बढ़ने पर सुभाष यादव को एक्सटेंशन दी जा सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब रोहतक रेंज के एडीजीपी संदीप खिरवार को एसईटी में शामिल किए जाने पर विचार हो रहा है।हाईकोर्ट की टिप्पणी- इंटरस्टेट शराब तस्करी का इतना बड़ा मामला है, कैसे दे दें अग्रिम जमानत
माना जा रहा है कि खिरवार पहले से ही इस मामले को देख रहे हैं। उनकी निगरानी में ही शराब घोटाले से संबंधित सभी एफआईआर दर्ज हुई हैं। खिरवार की गिनती हरियाणा के तेज तर्रार पुलिस अधिकारियों में की जाती है। कुल मिला कर एसईटी की समय सीमा बढ़ी तो यह मामला लंबा खिंचेगा।सूत्रों के मुताबिक जो काम एसईटी को दिया गया है। वह तय समय सीमा में पूरा हो पाना भी मुश्किल है। जिस स्तर का यह शराब घोटाला है, उस स्तर पर सभी पहलुओं की जांच की जाए तो अभी तीन से छह माह का समय भी लग सकता है। आबकारी और पुलिस महकमे की मिलीभगत को जांचने के लिए भी लंबा समय चाहिए। यह सारा कुछ 31 मई से पहले एसईटी के लिए जांच करना संभव नहीं था।

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