कांग्रेस ने खुद अपने पैरों पर मार ली कुल्हाड़ी, सबसे बड़े नेता और पूर्व मुख्यमंत्री को पार्टी से निकाला

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गांधीनगर। गुजरात कांग्रेस में बड़ा भूचाल आ गया है। कांग्रेस के सबसे कद्दवर नेता और राज्य के पूर्व सीएम शंकर सिंह वाघेला को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ये बात वाघेला ने खुद कही। शंकर सिंह वाघेला ने कहा कि कांग्रेस ने मुझे 24 घंटे पहले निकाल दिया। विनाशकाले विपरीत बुद्धि। लेकिन लोग हमारी संजीवनी हैं। अपने जन्मदिन कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं के आने पर रोक से गुस्साए वाघेला आज सारी बातों का खुलासा कर दिया है।

गुजरात कांग्रेस इस पर दो गुटों में बंटा हुआ था

इससे पहले गुरुवार को वह दिल्ली में थे। उनके इस दौरे को कांग्रेस नेतृत्व पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा था। इस साल के आखिर में गुजरात में चुनाव होने हैं और वाघेला चाहते थे कि पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित कर दे, लेकिन गुजरात कांग्रेस इस पर दो गुटों में बंटा हुआ था, शंकर सिंह वाघेला बनाम भरत सिंह सोलंकी।

बीजेपी में शामिल हो सकते हैं वाघेला

वाघेला ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में मुझ पर एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने का आरोप लगाया गया। लेकिन ये सभी आरोप झूठे हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे 24 घंटे पहले कांग्रेस से निकाल दिया गया। लेकिन मैं रिटायरमेंट के मूड में नहीं हूं।’ वाघेला ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से उनका पुराना नाता है। वाघेला के इस बयान से माना जा रहा है कि वह दोबारा बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि वाघेला लंबे वक्त तक बीजेपी और संघ का हिस्सा रहे हैं। बीजेपी से बगावत के बाद ही वह कांग्रेस में शामिल हुए थे।

राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी क्रॉस वोटिंग कराने में सफल रही

यह बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की ही रणनीति थी, जिसके चलते राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी क्रॉस वोटिंग कराने में सफल रही। देश के अन्य राज्यों के मुकाबले गुजरात में सबसे ज्यादा क्रॉस वोटिंग हुई। बीजेपी के प्रेजिडेंट कैंडिडेट रामनाथ कोविंद को अनुमान से 11 वोट अधिक मिले। खुद कांग्रेस ने स्वीकार किया है कि उसके 8 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। बता दें वाघेला समय-समय पर कांग्रेस को अपनी ताकत का अहसास कराते रहे हैं। हाल ही में कांग्रेस के सीएम प्रत्याशी पद की दावेदारी को लेकर चल रही खींचतान के बाद वाघेला ने पार्टी आलाकमान से दो-दो हाथ करने का खुला एलान कर दिया था।

जानिए कौन हैं शंकर सिंह वाघेला?

  • शंकर सिंह वाघेला 1996-97 के बीच गुजरात के सीएम रहे।
  • साल 1977 में 6वीं लोकसभा में वो बतौर सांसद चुने गए।
  • 1977-1980 के बीच गुजरात जनता पार्टी के उपाध्यक्ष रहे।
  • 1980-1991 में वो बीजेपी के महासचिव और गुजरात बीजेपी के अध्यक्ष रहे।
  • 1984-1989 में वाघेला राज्यसभा में सांसद रहे।
  • 1989 में वो लोकसभा के लिए चुने गए, 1991 में वो दोबारा सांसद बनने में कामयाब रहे।
  • 1996-1997 के बीच वो गुजरात विधानसभा के सदस्य रहे।
  • बीजेपी से बगावत करने के बाद वो कांग्रेस में शामिल हुए और 1999-2004 के बीच कांग्रेस की ओर से सांसद रहे।
  • 2004 में वघेला यूपीए सरकार में टेक्सटाइल मंत्री भी रहे।
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