शरद यादव ने कहा – इतिहास के साथ चल रही छेड़छाड़ देश हित में नहीं है, इसे बंद करो

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नई दिल्ली। संसद में भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर शरद यादव ने कहा कि मुझे गर्व है कि मेरे दादा-परदादा आजादी की लड़ाई में शामिल थे। शरद यादव ने आगे कहा कि इतिहास के साथ चल रही छेड़छाड़ देश हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि सच्चा इतिहास भविष्य का आधार तय करता है।

शरद यादव

इस आधार की एक ईंट के साथ भी छेड़छाड़ करते हैं, तो इस पर बनी इमारत ढह जाएगी

उन्होंने आगे कहा कि अगर आप इस आधार की एक ईंट के साथ भी छेड़छाड़ करते हैं, तो इस पर बनी इमारत ढह जाएगी। आजकल हम इतिहास के साथ छेड़छाड़ की अनेक घटनाएं देख रहे हैं। उन्होंने कहा, ऐसा माना जाता है कि अगर कोई देश या समुदाय अपने इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश करता है तो वह मुसीबत में घिर जाता है। जद (यू) के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि विविधतापूर्ण विचार लोकतंत्र का हिस्सा होते हैं।

महात्मा गांधी ने कहा था कि लोकतंत्र बातचीत की बिना पर कायम होता है

यादव ने कहा, अगर विचारों की विविधता ही नहीं है, तो इसे आप लोकतंत्र कैसे कह सकते हैं? महात्मा गांधी ने कहा था कि लोकतंत्र बातचीत की बिना पर कायम होता है, गोलियों की बिना पर नहीं। विपक्षी दलों ने भी भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने और इतिहास की किताबें फिर से लिखने का आरोप लगाया।

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