होली नहीं मनाएंगे यूपी के शिक्षामित्र, राज्य सरकार को दी चेतावनी

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लखनऊ। शिक्षामित्रों का प्रदर्शन अब भी जारी है। अब शिक्षामित्र अपनी नाराजगी होली न मनाकर दिखायेंगे। रविवार को जीपीओ पार्क में हुई उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ की प्रांतीय कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसमें यह भी कहा गया कि अगर सरकार जल्द कोई फैसला नहीं लगी तो बड़ा प्रदर्शन कर सकते हैं और उसकी सारी जिम्मेदारी शासन की होगी।

शिक्षामित्र

उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ की प्रांतीय कमेटी की बैठक रविवार को जीपीओ पार्क में हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द से जल्द विचार नहीं किया गया, तो प्रदेश के शिक्षामित्र बड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे और उसकी सारी जिम्मेदारी शासन की होगी।

संघ का कहना है कि सरकार की उपेक्षापूर्ण कार्यप्रणाली से पूरे प्रदेश के शिक्षा मित्र नाराज हैं और वे इस बार होली का त्योहार नहीं मनाएंगे। बैठक को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षामित्रों से संकल्पपत्र में किए गए वायदे को पूरा करे, समायोजन निरस्त होने के बाद अब तक 400 से अधिक शिक्षामित्र आकाल मृत्यु के शिकार हो गए हैं, लेकिन शासन और प्रशासन स्तर से अब तक कोई मदद उनके परिजनों को नहीं दी गई।

उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों पर हो रहे सौतेला व्यवहार व उनके हितों का अनदेखी शासन द्वारा किए जाने व उनके भविष्य के लिए शासन द्वारा कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाए जाने के कारण पूरे प्रदेश के शिक्षा मित्र नाराज हैं और वे इस बार होली का त्योहार नहीं मनाएंगे।

उन्होंने कहा कि अंतिम बार 5 से 10 मार्च के बीच ‘सरकार हमारी सुनो’ कार्यक्रम चलाकर प्रदेश के शिक्षा मित्र अपने-अपने क्षेत्रीय सांसद विधायकों को अपनी मांगे को पूरा कराने के संबंध में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम आग्रह पत्र सौंपकर संकल्पपत्र में उल्लिखित वायदों को पूरा करने की मांग करेंगे।

उन्होंने कहा कि भरत सरकार द्वारा जारी 10 अगस्त, 2017 के आदेश को उत्तराखंड में लागू किया जा सकता है तो यूपी के शिक्षा मित्रों के साथ क्यों नहीं लागू किया जा रहा। जबकि मध्य प्रदेश में सीधे तीन लाख से ऊपर संविदा शिक्षा कर्मियों को परमानेंट किया जा सकता है तो यूपी के शिक्षा मित्रों की अनदेखी क्यों की जा रही है। सरकार को जल्द से निर्णय लेते हुए शिक्षा मित्रों का भविष्य 62 वर्ष सुरक्षित करना चाहिए।

इस दौरान रामधन यादव, वासुदेव सिंह, धर्मेद्र सिंह, विनय यादव सहित सभी प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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