शिवपाल यादव ने बोला, प्रसपा का सपा में नहीं होगा विलय

प्रसपा का अस्तित्व बना रहेगा और विधानसभा चुनाव में सिर्फ गठबंधन ही होगा।

लखनऊ: प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) लोहिया के राष्ट्रीय संस्थापक शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि प्रसपा का अब सपा में विलय नहीं होगा। बल्कि, प्रसपा का अस्तित्व बना रहेगा और विधानसभा चुनाव में सिर्फ गठबंधन ही होगा।

आम आदमी की टूटी कमर

शिवपाल यादव ने चौगुर्जी स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता कर कहा कि ‘वर्तमान में भाजपा की नीतियों से आम आदमी की कमर टूट चुकी है’। ऐसे में बदलाव की मांग होने लगी है। अब हम भी चुप बैठने के बजाय जनता के बीच उनकी समस्याओं को लेकर जाएंगे।

भारतीय जनता पार्टी की झूठी नींव

कहा कि भय, भूख और भ्रष्टाचार मिटाने के साथ ही हर साल एक करोड़ बेरोजगार युवाओं को नौकरियां देने का वादा कर देश व प्रदेश की सत्ता में लौटी भारतीय जनता पार्टी की नींव झूठ पर आधारित है।

प्रसपा पार्टी का इतिहास

प्रसपा का पूरा नाम प्रगतिशील समाजवादी पार्टी है। यह भारत में तेजी से उभरता हुआ राजनीतिक दल है। समाजवादी पार्टी से अनबन होने के बाद शिवपाल सिंह यादव ने 29 अगस्त 2018 को अलग पार्टी बनाने का फैसला किया था।

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