शिवराज ने कहा- ख़त्म हो है कांग्रेस की देन गुरुजी-शिक्षाकर्मी की परंपरा

भोपाल| मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अध्यापकों के शिक्षा विभाग में संविलियन का निर्णय लिए जाने के बाद कांग्रेस की दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस ने शिक्षक कैडर को डाइंग (समाप्त) घोषित कर गुरुजी-शिक्षाकर्मी बना दिए थे, इसे भाजपा की सरकार ने खत्म कर दिया है।

मुख्यमंत्री चौहान ने मंगलवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि आज का दिन मध्य प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन है, आज उस अन्याय को जो मध्यप्र देश की भावी पीढ़ी के साथ कांग्रेस की सरकार ने शिक्षक के कैडर को डाइंग घोषित किया था, उसे आज कैबिनेट में निर्णय कर समाप्त किया गया है। उस समय शिक्षक के कैडर को डाइंग घोषित कर उनकी जगह गुरुजी और शिक्षाकर्मी बना दिए गए थे। इससे पूरे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था चौपट कर दी गई थी।

अपने शासन के 15वें साल में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल शिक्षकों के साथ अन्याय नहीं था, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ किया गया सबसे बड़ा अपराध था। वर्तमान राज्य सरकार ने पहले कर्मी कल्चर को समाप्त किया, अब कैबिनेट में यह फैसला लिया है कि अध्यापकों का संविलियन शिक्षा विभाग में कर शिक्षकों का एक कैडर कर दिया जाएगा। अब शिक्षकों का एक ही कैडर है और ये राज्य शासन के कर्मचारी हैं। यह नहीं होने के कारण वे कई सुविधाओं से वंचित थे।

उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी होने से इन्हें सभी सुविधाएं मिलेंगी और साथ ही मान-सम्मान मिलेगा। हमें विश्वास है कि इस फैसले के बाद प्रदेश में पढ़ाई की व्यवस्था और बेहतर होगी तथा गुणवत्ता बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज एक और निर्णय लिया गया है कि अब कोई भी संविदा कर्मचारी निकाला नहीं जाएगा। अब जो भर्ती होगी, उसमें निश्चित प्रतिशत तक संविदा कर्मचारियों में से पद भरे जाएंगे। जब तक सब संविदा कर्मचारियों की भर्ती नहीं हो जाएगी, किसी को नहीं निकाला जाएगा। अब उनका नौकरी से निकाले जाने का खतरा समाप्त हो गया है। उन्हें भी दूसरे कर्मचारियों की तरह सुविधाएं मिलेंगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए जो काम किए हैं, आज तक इससे पहले कभी नहीं किए गए।

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