भाजपा को झटका, पूर्व मंत्री समर्थकों के साथ सपाई हुए, Akhilesh ने कराई ज्वाइनिंग

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में जहां बुधवार सुबह से एक तरफ ख़ुशी की लहर इस वजह से है की कांग्रेस के नेता जितिन प्रसाद ने हाथ छोड़ फूल थामा है. वही शाम तक भाजपा को तगड़ा झटका लगा है. उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव से पहले बांदा ( Banda ) से MLA रहे शिवशंकर सिंह पटेल ने भाजपा छोड़ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की नीतियों और राष्ट्रिय अध्यक्ष Akhilesh Yadav के नेतृत्व से प्रभावित होकर ये निर्णय लिया.

पूर्व राज्य मंत्री और बबेरू, बांदा से भाजपा MLA रहे शिवशंकर सिंह पटेल आज अपने कई प्रमुख समर्थकों के साथ सपाई हो गए. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने उम्मीद जताई है कि इन साथियों के आने से समाजवादी पार्टी को मजबूती मिलेगी. बता दें शिवशंकर सिंह पटेल लगातार तीन बार बांदा जनपद के बबेरू विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे और उत्तर प्रदेश सरकार में सिंचाई एवं लोक निर्माण राज्यमंत्री भी रहे थे. आज शिवशंकर सिंह पटेल के साथ उनकी पत्नी कृष्णा पटेल, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत बांदा तथा भतीजे पूर्व ब्लाक प्रमुख राजेंद्र सिंह ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. वहीँ इनके अतिरिक्त जिला पंचायत बांदा के सदस्य अशरफ उल अमीन भी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं.

किसानों के मुद्दे पर Akhilesh Yadav ने BJP को घेरा

वहीं दूसरी तरफ इस मौके पर BJP पर हमला बोलते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि ‘BJP के 4 साल देश के किसानों के लिए विनाशकारी साबित हुए हैं. 3 काले कृषि कानून लाकर किसानों को बड़े पूंजीपतियों का आश्रित बना दिया है. न किसान को फसल का पैसा मिल रहा है और नहीं उससे किए गये वादे पूरे हो रहे हैं. पिछले दिनों हुई बरसात में हजारों टन गेहूं क्रय केंद्रों में खुले में पड़े रहने से बर्बाद हो गया. किसानों को बहाने बनाकर परेशान किया जा रहा है.’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘फतेहपुर के असोधरा उपमंडी स्थल में संचालित हाट शाखा में 29 मई से तौल बंद है. हजारों कुंतल गेहूं तौल के इंतजार में पड़ा है. किसान टोकन लेकर भटक रहे है. मंडी में खुले में गेहूं पड़ा है, बारिश के अंदेशे के बावजूद बचाव का कोई प्रबंध नहीं. संभल में गेहूं क्रय केंद्रों पर 50 क्विंटल से ज्यादा किसानों से गेहूं खरीदा नहीं जा रहा है. आगरा में 4 अप्रैल तक गेहूं की खरीद नहीं हुई. 2 महीने पहले जिन किसानों ने आनलाइन पंजीकरण करा लिया था वे भी मारे-मारे घूम रहे हैं. ट्रैक्टर ट्राली में गेहूं लदा हुआ खड़ा है.’

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