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फुटपाथ पर दुकानदारी का तामझाम, सड़कों पर लगता है जाम, नगर परिषद् को कोई नहीं काम 

सीतापुर: सीतापुर (Sitapur) शहर की सड़कों पर जाम का झाम है और फुटपाथ पर दुकान है। जी हां, शहर के फुटपाथ पर रेडीमेड कपड़े के दुकानें, वाहनों की अवैध पार्किंग से लेकर टॉयर-पंचर की दुकानें लगी रहती हैं। वहीँ सोमवार को लालबाग चौराहे से जिला अस्पताल तक पहुंचने में लोगों को बड़ी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर पहले से ही फुटपाथ पर दुकानों ने आधे रास्तें को घेर लिया, और दूसरी ओर लोगों ने सड़क को घेरना शुरू कर दिया है। दोनों ही तरफ से पूरी सड़क पर कब्ज़ा कर लिया गया है।

जानकारी के अनुसार लालबाग से जिला अस्पताल मार्ग बेहद ही ख़राब है। चूंकि जिला अस्पताल से रेफर होने वाले रोगियों को लेकर इधर से ही एंबुलेंस गुजरती हैं और रोगी को मौके से जिला अस्पताल (District Hospital) लाने वाली भी एंबुलेंस इसी मार्ग से निकलती हैं। जाम के झाम में ये एंबुलेंस भी कभी-कभी फंस जाती हैं, इस मामले पर अधिकारी व नगर पालिका के लोग आँख मूद कर अपनी गद्दी पर ठाठ से बैठे हुए है। वैसे तो जाम की समस्या केवल इसी मार्ग पर ही नहीं बल्कि पूरे शहर में यातायात व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है।

पुलिस की कार बनी जाम का कारण

दोपहर करीबन दो बजे जिला अस्पताल तिराहे पर काफी लम्बी जाम लगा गया था। जाम का कारण, मुख्य तिराहे पर खाली खड़ी कार थी। इस कार को किनारे खड़ी करने की बात कहने को किसी राहगीर की हिम्मत नहीं पड़ रही थी। क्यूंकि कार पर पुलिस का लोगो पेंट था। कार किस पुलिस कर्मी की थी, ये जानने की कोशिश की गई पर वह आसपास खोजे नहीं मिला। फिलहाल, पुलिस कर्मी की कार जिला अस्पताल तिराहे पर जाम का कारण बनी रही। राहगीर ही नहीं, रोगी व तीमारदार भी परेशान हुए।

ई-रिक्शा चालक कर रहें मनमानी

बात करें तो शहर की प्रमुख सड़कों पर ही नहीं बल्कि गली-मुहल्ले में भी ई-रिक्शा चालकों ने धूम मचा रखा हैं। कागज पर भले ही इनका रूट तय हों, पर हकीकत में इनके जगह-जगह स्टैंड हैं और सभी ई-रिक्शा चालक सड़कों पर फर्राटा भरते नजर आते हैं।

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