सिन्धी अकादमी ने देश की आजादी में स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान, विषय पर हुआ आयोजन

लखनऊः उत्तर प्रदेश सिन्धी अकादमी द्वारा आगामी स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आज अकादमी कार्यालय में ‘देश की आजादी में स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान’ विषय पर गोष्ठी का आयोजन, सफलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अकादमी उपाध्यक्ष नानक चन्द लखमानी द्वारा की गयी।

कार्यक्रम में सर्वप्रथम भगवान झूलेलाल एवं महात्मा गांधी की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया गया तत्पश्चात कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम में हरीश वाधवानी, वरिष्ठ साहित्यकार, स्वाती, अध्यापिका सिन्धी गर्ल्स इन्टर कॉलेज, भावना मंगलानी, अध्यापिका सिन्धी गर्ल्स इन्टर कॉलेज एवं तरूण संगवानी, सिन्धी विद्वान ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम में स्वाती द्वारा अपने वक्तव्य में अवगत कराया गया कि देश की आजादी के लिए भगत सिंह, सुखदेव, राम प्रसाद बिस्मिल तथा सिन्धी समाज के हेमू कालाणी ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिये। इनके द्वारा प्रस्तुत की गयी पंक्तियां निम्नलिखित हैं। ‘‘लाखों झूले फंदे पर, लाखों ने गोलियां खाई। तब जाकर हिन्दुस्तान में, आजादी आई।

भावना मंगलानी द्वारा अवगत कराया

भावना मंगलानी द्वारा अवगत कराया गया कि सर्वप्रथम भारत आये। उन्होंने व्यापार करना प्रारम्भ किया और पूरे देश को परतंत्रता की बेड़ियों में जकड़ दिया। भारत को आजाद कराने में अनगिनत हिन्दुस्तानियों ने बलिदान दे दिया। इनके द्वारा प्रस्तुत की गयी पंक्तिया निम्नलिखित है। ‘‘बलिदानों से जिनके आज भारत देश आजाद है। मातृभूमि के वीर सपूतों हमको तुझ पर नाज है।

वरिष्ठ साहित्यकार हरीश वाधवानी

वरिष्ठ साहित्यकार हरीश वाधवानी ने अवगत कराया गया कि सिन्धी समाज का प्रत्येक घर देश की आजादी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने अवगत कराया कि डॉ0 चोइथराम द्वारा स्वतंत्रता एवं समाज सेवा के लिए सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया गया। तरूण संगवानी द्वारा अवगत कराया गया कि सिन्धी समाज के हेमू कालाणी, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों तक की आहूति दे दी।

सखर में अंग्रेजों से हथियार लूटे

देश की स्वतंत्रता के लिए सखर में अंग्रेजों से हथियार लूटे जाने के लिए रेल की पटरियों को काट रहे हेमू कालाणी को अंग्रेजों द्वारा गिरफ्तार कर फांसी दे दी गयी। कार्यक्रम अध्यक्ष नानक चन्द लखमानी द्वारा अकादमी में किये गये कार्यकलापों एवं गतिविधियों से सभी को अवगत कराया गया।

वीर सपूतों ने जन्म लिया

उन्होंने कहा कि भारत में अनेकों वीर सपूतों ने जन्म लिया और इन्हीं वीर सपूतों में एक नाम सिन्धी समाज के हेमू कालाणी का है, जिन्हों भारत की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिये। इनका नाम सदैव अमर रहेगा। अकादमी निदेशक कल्लू प्रसाद द्विवेदी जी ने अतिथियों को आभारत व्यक्त किया। इसके साथ ही राष्ट्रगान गाकर कार्यक्रम का समाप किया गया।

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