बॉलीवुड में स्वतंत्र संगीत गाने से मिलती हैं गायिका शलमली खोलगड़े को खुशी

मुंबई। गायिका शलमली खोलगड़े ने 2012 में रोमांटिक गीत ‘परेशान’ से प्रभावशाली पदार्पण किया था। फिर उन्होंने दीपिका पादुकोण, अनुष्का शर्मा और जैकलीन फर्नाडीज की फिल्मों में आवाज देने लगीं। उनका कहना है कि वे बॉलीवुड के दरवाजे बंद नहीं करना चाहतीं लेकिन वे अपना ध्यान स्वतंत्र संगीत पर ज्यादा देंगी क्योंकि उन्हें इसमें बहुत खुशी मिलती है।

शलमली ने एक ईमेल इंटरव्यू में बताया, “मैं अपने लिए बॉलीवुड के दरवाजे कभी बंद नहीं करूंगी। यही कारण है कि आज मैं आजादी से स्वतंत्र संगीत कर सकती हूं जैसी मैं सोचती हूं कि मैं करती हूं। उन्होंने कहा, “किसी एक गाने के हर महीने रिलीज करने का दवाब नहीं होता क्योंकि मैं जानती हूं कि इसके साथ ही मेरा बॉलीवुड करियर भी है जो मेरी जिंदगी को आर्थिक और अन्य संदर्भो में मजबूत रखेगी।”

इसके साथ ही वे इतनी एकाग्रता से सिर्फ एक काम करने में विश्वास नहीं करतीं कि आप उन चीजों को भूल जाओ जिन्हें आप अच्छे से कर सकते हो।उन्होंने कहा, “इस तरह से, मैं हमेशा से एक छोटे से क्लब में पूरा गाना मैं खुद गाना चाहती हूं और मेरा अपना दर्शक वर्ग हो। मैं बेशक स्वतंत्र संगीत पर ध्यान ज्यादा केंद्रित करूंगी क्योंकि मुझे लगता है कि मुझे इससे बहुत खुशी मिलती है।”

उन्होंने कहा, “इसका मतलब यह नहीं कि ये करने के लिए मैं बॉलीवुड छोड़ दूंगी। इसी साल संगीतकार प्रीतम और हर्षदीप कौर तथा नकाश अजीज जैसे गायकों के साथ उत्तर कोरिया के दौरे पर जाने वाली शलमली ने हिट गाना ‘बेबी को बास पसंद है’ गाया है।

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