सीतारमण की monetisation पाइपलाइन कहीं बिगाड़ न दे देश की माली हालत

नई दिल्ली : निर्मला सीतारमण ने सोमवार को नेशनल monetisation पाइपलाइन को लॉन्च करते हुए कहा कि इस प्लान के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के एसेट्स की एक लिस्ट बनाई जाएगी, जिन्हें सरकार जल्द बेच देगी। सीतारमणके मुताबिक सरकार का लक्ष्य इसके जरिए 6 लाख करोड़ रुपये जुटाना है।

सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग, रेलवे, बिजली जैसे एसेट्स बिकेंगे इस monetisation प्लान में शामिल

हालांकि, इस दौरान सीतारमण ने कहा इस प्लान के तहत सरकार केवल अंडर-यूटिलाइज्ड एसेट्स को ही बेचेगी। इसका हक सरकार के पास ही रहेगा और प्राइवेट सेक्टर के पार्टनर्स को लीज का समय ख़त्म होने के बाद इसे सरकार को वापस करना होगा।

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इस कड़ी में मिनिस्ट्री  ने कहा कि नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन के मुताबिक साल  2022 से 2025 तक 6 लाख करोड़ रुपये के एसेट्स बेचे जा सकते हैं। इसमें सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग, रेलवे, बिजली, पाइपलाइन एवं नेचुरल गैस, सिविल एविएशन, शिपिंग पोर्ट्स एंड वॉटरवेज, टेलिकम्युनिकेशंस, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, माइनिंग, कोल और हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स को शामिल किया गया है।

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