कठुआ दुष्‍कर्म मामले में छह दोषी करार व एक बरी, सजा का ऐलान दो बजे के बाद

श्रीनगर: जम्‍मू-कश्‍मीर के बहुचर्चित कठुआ दुष्कर्म और हत्याकांड मामले में सेशन कोर्ट फैसला सुना दिया है। छह आरोपितों को दोषी ठहराया है और एक आरोपित को बरी कर दिया है। कोर्ट ने फैसला पर बहस के बाद सुनाया। कोर्ट में जज डॉ. तेजविंदर सिंह सभी सात आरोपितों की मौजदूगी में फैसला सुनाया। इस फैसले पर पूरे देश की निगाहेँ लगी थी। अदालत सभी सात आरोपितों पर फैसला सुना दिया है। अदालत ने एक आरोपित विशाल जंगोत्रा को बरी कर दिया। छह आरोपित दीपक कुमार, प्रवेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, आनंद दत्ता, तिलक राज तथा सांझी राम दोषी करार दिए गए हैं।

सजा भी आज ही सुनाए जाने की संभावना है। सजा पर बहस थोड़ी देर में शुरू हाेगी। सजा का ऐलान दो बजे के बाद होने की सुभावना है। दूसरी ओर, दोषी करार दिए गए सांझी राम के वकील विक्रांत महाजन और एचएस पठानिया का कहना है कि सांझी राम को न्याय दिलाने और फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए हाईकोर्ट में अपील करेंगे।

अभियोजन पक्ष के वकील मवीन फारूकी ने मीडिया से जानकारी साझा दी कि अदालत में फैसले पर सुनवाई के बाद इस दुष्‍कर्म व हत्‍या के मामले में छह आरोपितों को दोषी करार दिया है। एक आरो‍पित को बरी कर दिया गया है। अदालत सभी दोषियों को सजा आज ही सजा भी सुनाएगी। सजा पर बहस थोड़ी देर बाद शुरू होगी। जज और सभी आरोपित अभी कोर्ट में ही हैं।

फैसले के दौरान सातों आरोपित, अभियोजन व बचाव पक्ष के वकील मौजूद रहे। मामला संवेदनशील होने पर कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। आरोपित आनंद दत्ता के ससुर ने कहा कि उनके दामाद को झूठा फंसाया गया है और आज उन्हें कोर्ट से न्याय मिलेगा। बचाव पक्ष के वकील अंकुर शर्मा ने कहा कि आरोपितों  को कोर्ट से न्याय मिलेगा। कोर्ट परिसर मे संबंधित पक्षों को छोड़कर अन्य किसी को जाने कीअनुमति नहीं है।

पठानकोट में मामले की सुनवाई शुरू होने के 380 दिन बाद फैसला आया है। अहम केस के फैसले को देखते हुए जिला पुलिस भी अदालत परिसर में अतिरिक्त जवान तैनात हैं। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के कठुआ की हीरानगर तहसील के एक गांव में 10 जनवरी 2018 को आठ साल की बच्ची पशु चराते वक्त गायब हो गई थी।

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