Smart meter : पेण्डामिक की वजह से एक साल के लिए बढ़ी स्मार्ट मीटर लगाने की डेडलाइन

नई दिल्ली : कोरोना की दूसरी लहर के मद्देनज़र सरकार ने बिजली का Smart meter लगवाने के काम को रोकते हुए इस की डेडलाइन को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। अब इसके नए टेंडर कोविड के थमने के बाद जारी किये जाएंगे।

इस मसले के जानकारों के मुताबिक सरकारी कंपनी EESL ने इस कड़ी में चार नए राज्यों से डील फाइनल कर ली है, और बयान जारी कर कहा है की कोरोना मामलों के कंट्रोल में आते ही बाकी टेंडर जारी किये जाएंगे।

Smart meter से मीटर रीडिंग लेना होगा आसान

कंपनी के मुताबिक अब तक बिहार, यूपी और  हरियाणा से 80 लाख ऑर्डर मिल चुके हैं। आप की जानकारी के लिए बता दें कि सरकार का फोकस नेशनल स्मार्ट मीटर प्रोग्राम पर है जिसमे तकरीबन पच्चीस करोड़ नए स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं।

आपकी जानकारी के लिए यह भी बताते चले कि इन स्मार्ट मीटर में मोबाइल की तरह एक सिम लगी होती है, इससे मीटर का सारा डेटा इंटरनेट पर ऑनलाइन अवेलेबल होता है। इसकी वजह से इंजीनियर दफ्तर में बैठे बैठ ही मीटर रीडिंग, लोड, वोल्टेज, डिसकनेक्शन-रीकनेक्शन, बिजली सप्लाई जैसी कई बातों की निगरानी कर सकता है। जानकारों के मुताबिक सरकार के इस कदम से बिजली चोरी पर लगाम लगेंगी।

स्मार्ट मीटर लगने से रीडिंग लेने के लिए घर-घर नहीं जाना पड़ेगा, दफ्तर से ही रीडिंग ली जा सकेगी। बिजली गुल के बारे में ऑनलाइन जानकारी मिलेगी। मीटर पर ऑनलाइन तरीके से लोड कम किया जा सकेगा।

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