पीएम मोदी के इस एक ऐलान से खिली अन्नदाताओं के चेहरे पर मुस्कान

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि देश में किसानों की आय बढ़ी है और केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं की वजह से कई मामलों में दोगुनी भी हुई है। मोदी ने ‘नरेंद्र मोदी एप’ के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों से चुनिंदा किसानों से बात की। इस दौरान उन्होंने उनसे नए तरीकों से उत्पादन और आय में वृद्धि होने की सफल कहानियों के बारे में पूछा।

शाह ने चली ऐसी चाल, राजनाथ सिंह को भी नहीं लगी…

नरेंद्र मोदीमोदी ने कहा,”हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि हमारे मेहनती किसानों की आय 2022 तक दोगुनी हो जाए। इसके लिए हम जहां भी आवश्यक हो, उन्हें उचित सहायता प्रदान कर रहे हैं। हमने मृदा स्वास्थ्य कार्ड, अच्छी गुणवत्ता वाले बीज, बिजली के अलावा उर्वरक, पानी, और बाजार जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की है।”

पहल की आलोचना का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, “उन्होंने इसकी यह कहते हुए आलोचना की थी कि यह संभव नहीं है या बहुत मुश्किल है। उन्होंने निराशा का वातावरण बनाया है, लेकिन हमें किसानों पर विश्वास है। हम जोखिम लेने और परिणाम लाने के लिए तैयार हैं।”

बिहार बोर्ड के कारनामे के बाद आज नहीं जारी होंगे 10वीं…

मोदी ने नौ राज्यों -छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के कई किसानों से बात की।

मोदी ने उस समय खुशी जताई, जब छत्तीसगढ़ के एक किसान ने उन्हें बताया कि उनकी आय सिर्फ तीन साल में छह-सात गुना बढ़ गई है।

मोदी ने किसानों को बताया कि कैसे फसल बीमा, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, माइक्रो इरिगेशन, इलेक्ट्रॉनिक राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-एनएएम), कृषि मशीनीकरण, वित्तीय सहायता, किसान उत्पादक कंपनियों के गठन की सरकार की पहल ने उन्हें अपनी आय बढ़ाने में मदद की है।

मोदी ने किसानों से ऐसे संमय संवाद किया है, जब देश के प्रमुख हिस्सों में फसल की कीमतों में भारी गिरावट के कारण किसान परेशान हैं और इस साल के अंत तक प्रमख राज्यों में चुनाव होने हैं और अगले साल के मध्य में आम चुनाव होना है।

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने कृषि आय दोगुनी करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए चार प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया है।

बीजेपी नेता की धमकी, पश्चिम बंगाल में हमारे समर्थकों को मारने…

उन्होंने कहा, “सबसे पहले हम यथासंभव लागत कम करने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरा, किसानों को लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए। तीसरा यह है कि अपव्यय को कैसे कम किया जाए और चौथा आय के वैकल्पिक स्रोतों को पेश करने के बारे में है।”

मोदी ने कहा कि पिछली सरकार ने बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 1,21,000 करोड़ रुपये आवंटित किए थे, लेकिन उनकी सरकार ने लगभग दोगुना 2,12,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

मोदी ने कहा कि सरकार ने केंद्रीय बजट में अधिसूचित फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा करके किसानों के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया है।

मोदी ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए निवेश लागत में राज्य सरकारों द्वारा भूमि राजस्व के साथ परिवार श्रम, मवेशियों, मशीनों, बीजों, उर्वरकों, सिंचाई, पट्टे पर जमीन के लिए किराया और कामकाजी पूंजी पर ब्याज शामिल होगा।”

मोदी ने कहा कि 2017-18 में खाद्यान्न उत्पादन 2010-2014 की तुलना में 28 करोड़ टन से अधिक बढ़ गया। 2010-2014 में खाद्यान्न उत्पादन औसतन 25 करोड़ टन रहा था।

उन्होंने यह भी कहा कि दालों का औसत उत्पादन 10.5 प्रतिशत, बागवानी 15 प्रतिशत और मत्स्यपालन 26 प्रतिशत बढ़ गया है।

उन्होंने बढ़ती वैश्विक मांग के चलते मधुमक्खी पालन और सजावटी मछलियों के संवर्धन पर भी जोर दिया।

मोदी ने यह भी कहा कि सरकार दलाली को खत्म करने और किसानों को अपनी फसलों के लिए सर्वोत्तम मूल्य सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय और थोक बाजारों को एक-दूसरे से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।

Related Articles