तो इन 3 कारणों से प्रियंका को कांग्रेस नही भेजी काशी, अजय राय को इसलिए मिला टिकेट

वाराणसी: कांग्रेस ने तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए तय कर दिया कि वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला प्रियंका गांधी से नहीं होगा। कांग्रेस ने पूर्व विधायक अजय राय को यहां से प्रत्याशी बनाया है। इसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर राहुल गांधी ने प्रियंका को लोकसभा चुनाव नहीं लड़ाने का फैसला क्यों किया? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके पीछे तीन प्रमुख कारण रहे हैं। पहला – कांग्रेस नहींं चाहती थी कि अपने पहले ही चुनाव में प्रियंका को इतनी बड़ी चुनौती का सामना करना पड़े। दूसरा – प्रियंका को चुनाव लड़ाने के लिए पार्टी की कोई तैयारी भी नहीं थी।

तीसरा- कांग्रेस को यह विश्वास नहीं था कि यदि वह प्रियंका को नरेन्द्र मोदी के खिलाफ मैदान में उतारती है, तो महागठबंधन (सपा-बसपा) पूरी तरह साथ देगा या नहीं? इस तरह अब काशी में मोदी के सामने अजय राय हैं, जो पिछली बार तीसरे नंबर पर रहे थे। समाजवादी पार्टी ने यहां से शालिनी यादव को टिकट दिया है। लोकसभा चुनाव के आखिरी यानी सातवें चरण में वाराणसी में 19 मई को वोटिंग है।

कांग्रेसी खेमे में अब चर्चा है कि भले ही प्रियंका अभी चुनाव नहीं लड़ रही हैं, लेकिन उनको लोकसभा में भेजने की रणनीति बन चुकी है। रणनीति यह है कि यदि राहुल गांधी अमेठीऔर वायनाड, दोनों सीटों से विजयी होते हैं, तो चुनाव बाद वे वायनाड रखेंगे और अमेठी को छोड़ देंगे। इस तरह यहां उपचुनाव होंगे, जिनमें प्रियंका को उम्मीदवार बनाया जाएगा और उनकी लोकसभा में एंट्री करवाई जाएगी।

कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि वैसे भी प्रियंका का लक्ष्य लोकसभा चुनाव नहीं, बल्कि 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव है। पार्टी समझ चुकी है कि विधानसभा में अच्छा प्रदर्शन करे बगैर लोकसभा में ज्यादा वोट हासिल करना मुश्किल है। कांग्रेस नेता एक तरह से खुश भी हैं कि प्रियंका को काशी से चुनाव नहीं लड़ाया गया, क्योंकि ऐसा होता तो उनका पूरा ध्यान काशी पर ही रहता। अब वे प्रदेश की अन्य सीटों पर खुलकर प्रचार कर सकेंगी।

वहीं, भाजपाई कह रहे हैं कि कांग्रेस कभी इस स्थिति में नहीं थी कि प्रियंका को मोदी के सामने चुनाव मैदान में उतार सके। केवल अफवाह फैलाई जा रही थी।

 

 

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