नगरीय निकायों में अन्त्येष्टि स्थलों के निर्माण के 159 कार्य हेतु इतने करोड़ की धनराशि अवमुक्त

लखनऊ: अन्त्येष्टि स्थलों पर बुनियादी सुविधायें विकसित करने केे लिए नगरीय निकायों द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नगरीय निकायों में आवश्यकतानुसार विद्युत शवदाह गृह, प्रदूषण मुक्त लकड़ी आधारित शवदाह संयत्र (ऊर्जा माडल) एवं परम्परागत शवदाह गृह का निर्माण कराया जा रहा है।

नगर विकास विभाग से उपलब्ध जानकारी के अनुसार कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेश के बड़े नगरीय निकायों यथा नगर निगमों, में विद्युत शवदाह गृह के निर्माण एवं संचालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। विगत 01 वर्ष में प्रदेश के नगरीय निकायों में अन्त्येष्टि स्थलों के निर्माण के 159 कार्य हेतु कुल लगभग रू0 32.00 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गयी है। नगर विकास विभाग प्रदेश के सभी नगर निगमों एवं बड़ी नगर पालिकाओं में हरित शवदाह गृहांे एवं विद्युत शवदाह गृहों की स्थापना के लिए कृत संकल्पित है।

प्रदेश के सभी नगर आयुक्त एवं अधिशासी अधिकारियों को अन्त्येष्टि स्थलों पर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं। प्रत्येक अन्त्येष्टि स्थल पर स्थानीय निकाय द्वारा नोडल अधिकारी नामित किये गये हैं, जिनके द्वारा अन्त्येष्टि स्थलों की मानीटरिंग करते हुए आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की जा रही है। कोविड-19 के संक्रमण से होने वाली मृत्यु के अन्तिम संस्कार निःशुल्क किये जा रहे हैं। निःशुल्क अन्तिम संस्कार हेतु अधिकतम रू0 5000.00 की सीमा निर्धारित की गयी है।

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