तो क्या इतिहास का हिस्सा बनकर रह जाएगा टेस्ट क्रिकेट में टॉस का सिक्का!

नई दिल्ली। क्या भविष्य में क्रिकेट में टॉस की प्रथा खत्म हो जाएगी? क्या क्रिकेट में फिर कोई बड़ा बदलाव होने जा रहा है? यह सवाल इसलिए क्योंकि जिस धरती पर क्रिकेट ने जन्म लिया अब वहीं से टॉस खत्‍म करने को लेकर बहस शुरू हो गई है। फुटबाल से लेकर टेनिस, बैडमिंटन या कबड्डी, हर जगह टॉस का अपना महत्व है। लेकिन टॉस के सिक्के का जितना महत्व क्रिकेट में है उतना शायद किसी और खेल में नहीं।

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क्रिकेट में कई बार तो खिलाडियों के प्रदर्शन से भी ज्यादा, टॉस मैच का नतीजा निर्धारित कर देता है। लेकिन अब शायद ऐसा लगता है कि टॉस का सिक्का अब इतिहास बनकर रह जाएगा। खबरों के मुताबिक आईसीसी टॉस के लिए उछालने वाले सिक्के को क्रिकेट का इतिहास बनाने पर विचार कर रही है।

इस मामले को तूल देने की वजह बताई जा रही है कि इससे मेजबान करने वाली टीम को फायदा मिलता है। क्योकि टॉस जितने वाली टीम पिच के मुताबिक बल्लेबाजी या गेंदबाजी चुनती है इससे मेजबान टीम ख़राब पिच पर मनमुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाती। अब खबरों के मुताबिक मेजबान टीम को खुद से बल्लेबाजी या क्षेत्ररक्षण का विकल्प दिया जा सकता है।

अगर ये यह नियम लागू हो गया तो 2019 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच शुरू होने वाली एशेज सीरीज से टॉस की भूमिका को खत्म किया जा सकता है।

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