समाज सुधारक अन्ना हजारे ने पीएम मोदी से जताई नाराजगी, लिखा लेटर

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भोपाल। सामाजिक कार्यकर्ता अनना हजारे ने पीएम मोदी पर हमला बोला है। उन्‍होंने कहा है कि मैं पीएम मोदी से खुश नहीं हूं। उन्‍होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी ने लोकपाल विधेयक को कमजोर कर दिया है। जो सही नहीं है।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी जताई नाराजगी

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अन्‍ना हजारे ने कहा कि में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी नाराज हूं। दोनों प्रधानमंत्रियों ने लोकपाल बिल की अनदेखी की है। दोनों सरकारों ने लोकपाल बिल की अनदेखी की है।

मध्‍य प्रदेश के दौरे पर हैं अन्‍ना

अन्ना हजारे मध्‍य प्रदेश के दौरे पर हैं। यह सब बातें उन्‍होंने एक कार्यक्रम में कहीं। अन्ना ने इस दौरान कहा कि मनमोहन सिंह बोलते नहीं थे और उन्होंने लोकपाल-लोकायुक्त कानून को कमजोर किया और अब वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोकपाल को कमजोर करने का काम किया है। मनमोहन सिंह के समय कानून बन गया था, उसके बाद नरेंद्र मोदी ने संसद में 27 जुलाई, 2016 को एक संशोधन विधेयक के जरिए यह तय किया कि जितने भी अफसर हैं, उनकी पत्नी, बेटे-बेटी आदि को हर साल अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं देना होगा। जबकि कानून में यह ब्योरा देना आवश्यक था।

अन्‍ना ने लगाए आरोप

अन्ना का आरोप है कि चाहे मनमोहन सिंह हों या मोदी, दोनों के दिल में न देश सेवा है और न समाज हित की बात। यही कारण है कि उद्योगपतियों को तो लाभ पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे, लेकिन किसान की चिंता किसी को नहीं है।

पीएम मोदी को लिखा लेटर

अन्ना ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि “किसानों से जो ब्याज साहूकार नहीं ले सकते, वह ब्याज बैंक वसूल रहे हैं। बैंक नियमन अधिनियम का पालन नहीं हो रहा है, इसे भारतीय रिजर्व बैंक को देखना चाहिए, अब वह नहीं देखती तो सरकार किस लिए है. इसके साथ ही 60 वर्ष की आयु पार कर चुके किसानों को पांच हजार रुपये मासिक पेंशन दिया जाना चाहिए।

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