अपने हाथों से जिस बेटे को कब्र में दफनाया, वो 17 साल बाद जिंदा लौट आया

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रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के गांव पीपली की रहने वाली गीता देवी का बेटा जिंदा लौट आया है। दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के अनुसार, उसे दो साल की उम्र में सांप ने डस लिया था और सपेरे उसे कब्र से निकाल ले गए थे। अब उसे माता-पिता व ग्रामीणों ने पहचान लिया और सपेरों से लेने के प्रयास किया।

कब्रिस्तान में दफना दिया गया था अंकित
दरअसल, जब अंकित दो साल का था तो उसे सांप ने डस लिया जिससे उसकी मौत हो गई। अंकित को गांव के पास ही कब्रिस्तान में दफना दिया गया था। ये संयोग ही था कि उस समय गांव में सपेरों ने भी डेरा जमा रखा था। कुछ दिन बाद एक ग्रामीण ने देखा कि अंकित की कब्र से उसकी लाश गायब है।

उसी समय सपेरे भी गांव छोड़कर चले गए थे। जिसके बाद परिजनों ने सपेरों को काफी तलाशा पर सपेरे नहीं मिले। इस पर परिजन निराश होकर बैठ गए। फिर अचानक कई वर्षों बाद कल बुधवार दोपहर को तीन सपेरे गांव में सांप का तमाशा दिखाने पहुंचे, तो उनके साथ 19 वर्ष का युवक भी था। चंद्रपाल की पत्नी गीता देवी ने युवक को पहचान लिया और उसे अपना पुत्र अंकित बताया।

हाथ में सांप के काटने का निशान
इसके बाद पूरा गांव इकट्ठा हो गया। गीता की जिद पर लड़के के शरीर पर निशान पहचानने की कवायद शुरू हो गई, जिसमें पाया गया कि उस युवक के हाथ में सांप के काटने का उसी जगह निशान है जहां पर अंकित को डंसा था। इसके बाद उस समय जिस तांत्रिक से अंकित का इलाज कराया गया था उसने भी इस बात को माना कि ये युवक गीता का ही बेटा है।

गीता देवी का कहना है कि युवक एक बहन और चार भाइयों में सबसे बड़ा अंकित है, जिसे सपेरे 17 वर्ष पूर्व ले गए थे। मामला गरमाने पर पुलिस पहुंच गई। दोनों पक्ष थाने पहुंच गए। एसओ सुरेन्द्र सिह ने पलवल में युवक के परिजनों से फोन पर बात की। उन्होंने इसको अपना पुत्र बताया। एसओ ने बताया कि वह हरियाणा में पुलिस भेजकर मामले की जांच कराएंगे। पुलिस मामले को सुलझाने में लगी है।

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