देश में पिछड़ी खरीफ फसल की बुवाई, दिखी 2 फीसदी गिरावट

नई दिल्ली। चालू खरीफ बुवाई सीजन में अब तक 854.5 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है, लेकिन पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले रकबा करीब दो फीसदी पिछड़ी हुई है। केंद्रीय कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी फसल वर्ष 2018-19 के खरीफ सीजन के बुवाई साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, देशभर में खरीफ फसलों का रकबा 854.5 लाख हेक्टेयर है जोकि पिछले साल की समान अवधि का रकबा 870.47 लाख हेक्टेयर से 1.83 फीसदी कम है।

धान का रकबा अब तक चार फीसदी से ज्यादा पिछड़ी हुई है जबकि धान की बुवाई का सीजन अंतिम दौर में है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, देशभर में किसान ने अब तक 262.73 लाख हेक्टेयर में धान की फसल लगाई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में धान का रकबा 274.16 लाख हेक्टयर था। इस प्रकार पिछले साल के मुकाबले धान का रकबा 4.17 फीसदी कम है।

दलहन फसलों की बुवाई में थोड़ा सुधार जरूर हुआ है लेकिन अब तक रकबा पिछले साल के मुकाबले 3.91 फीसदी कम है। सभी दलहनों का रकबा 115.57 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है जबकि पिछले साल 120.27 लाख हेक्टेयर था।
मोटे अनाज की बुवाई का रकबा 151.35 लाख हेक्टेयर है और यह पिछले साल के 155.87 लाख हेक्टेयर से 2.90 फीसदी कम है।

हालांकि तिलहन फसलों की बुवाई में किसानों ने काफी दिलचस्पी दिखाई है और सभी तिलहनों का रकबा पिछले साल के मुकाबले 5.78 फीसदी बढ़कर 157.54 लाख हेक्टेयर हो गया है। जूट और मेस्ता का रकबा पिछले साल के मुकाबले 0.81 फीसदी घटकर 6.99 लाख हेक्टेयर रह गई है।

बीते सप्ताह कपास का रकबा तकरीबन आठ फीसदी पिछड़ा हुआ था, जिसमें इस सप्ताह सुधार आया है। देश के प्रमुख कपास उत्पादक प्रदेशों में कपास का कुल रकबा 109.79 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में दर्ज रकबा 114.34 लाख हेक्टेयर से 3.98 फीसदी कम है।

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