सपा, कांग्रेस ने सनातन संस्था पर दोहराई प्रतिबंधित की मांग

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मुंबई : दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं के खिलाफ CBI और ATS की कड़ी कार्रवाई के बीच सपा ने मंगलवार को ‘सनातन संस्था’ और उसके नेताओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। सपा के प्रदेश अध्यक्ष अबु आसिम आजमी ने केंद्र और राज्य सरकार से ईद पर विभिन्न मस्जिदों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।

आजमी ने कहा, “एटीएस ने कहा है कि महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में सांप्रदायिक तनाव भड़काने और आतंकवादी हमले की बड़ी साजिश रची गई है। एटीएस ने पालघर से बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए हैं।”

उन्होंने कहा कि हथियार बरामद होने के बाद महाराष्ट्र ATS प्रमुख अतुलचंद्र कुलकर्णी को भी कड़ी सुरक्षा मुहैया कराया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता राधाकृष्णा विखे-पाटील ने सीएम देवेंद्र फडणवीस से ‘सनातन संस्था’ के संस्थापक अध्यक्ष जयंत बी. अठावले को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ‘संस्था’ की गतिविधियां आतंकवादी गतिविधियों से कम नहीं हैं। उन्होंने ‘संस्था’ पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की।

हालिया पुलिस कार्रवाई का हवाला देते हुए विखे-पाटील ने कहा कि उनके पास पक्की जानकारी थी कि लगभग 500 युवाओं को हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है और उनका पता लगाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इसके लिए अठावले को अरेस्ट करना जरूरी था, ताकि ‘सनातन संस्था’ की कार्यप्रणाली और उसकी योजनाओं का पता चल सके।

‘सनातन संस्था’ के एक प्रवक्ता ने संस्था के खिलाफ लगे सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि किसी भी युवक को ऐसा कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया है और यह एक आध्यात्मिक संस्था है।

मंगलवार को बड़ी संख्या में ‘संस्था’ और ‘हिंदू जनजागरण समिति’ के कार्यकर्ताओं ने पुणे में जुलूस निकाला, और उन्होंने विभिन्न संगठनों और राजनैतिक नेताओं द्वारा उन्हें बदनाम करने के प्रयासों का विरोध किया।

उनके हाथों में बैनर, पोस्टर और तख्तियां थीं और वे हिंदू एकता के नारे लगाने के साथ-साथ मारे जा चुके नरेंद्र दाभोलकर की संस्था महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की निंदा कर रहे थे।

‘हिंदू जनजागरण समिति’ के संयोजक पराग गोखले ने कहा कि दाभोलकर, गोविंद पानसरे, एम.एम. कलबुर्गी और गौरी लंकेश की हत्या में न तो उनका संगठन और न ही ‘संस्था’ शामिल है।

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