चलती ट्रेन में अगर पटाखे फूटे तो डरियेगा मत…

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हल्द्वानी। उत्तर भारत में पड़ रही ठंड से हर कोई परेशान है। वहीं रेलवे ने कोहरे से बचने और निपटने की फुलप्रूफ तैयारी कर ली है। ये पहली बार होगा जब उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल की ट्रेनों में ‘एंटी फॉग डिवाइस लगने जा रहा है। इस डिवाइस की मदद से इंजन में ही लोको पायलेट को सिग्नल के बारे में पता लग जाएगा। जिससे गलती होने की गुंजाइश काफी कम हो जाएगी। साथ ही, स्पीड भी ड्राइवर का पूरा नियंत्रण रहेगा।

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ठंड के मौसम में अक्सर कोहरे के चलते हादसा होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में रेलवे, स्टेशन के सबसे बाहरी सिग्नल से 275 मीटर की दूरी पर रेलवे ट्रैक पर पटाखों को भी लगाता है, जिसको पटाखा सिग्नल कहते हैं। जब ट्रेन पटाखा सिग्नल से होकर गुजरती है, तो पटाखे दगने लगते हैं, जिसकी आवाज से ड्राइवर को सही ट्रैक पर होने की जानकारी मिल जाती है।

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दुर्घटनाओं को रोकने के लिये हजारों रुपए की आतिशबाजी हर साल कोहरे के दौरान लग जाती है। इसके अलावा ट्रेनों को फिसलन से बचाने के लिए रेत भी डाली जाती है। हालांकि अभी तक ये दोनों ही तरीके काफी कारगर साबित हुए हैं। रेलवे ने अब परंपरागत कारगर तरीकों के अलावा आधुनिक तकनीक को प्रयोग करने की भी योजना बनाई है।

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पहली बार होगा एंटी फॉग डिवाइस का प्रयोग

काठगोदाम में कुमाऊं दौरे पर पहुंचे पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के डीआरएम चंद्रमोहन जिंदल ने बताया कि, कुमाऊं से चलने वाली ट्रेनों में पहली बार एंटी फॉगिंग डिवाइस लगाई जाएगी। यह डिवाइस सेंसर पर आधारित होती है। सिग्नल, क्रासिंग (इनमें भी सेंसर लगा होगा) आने से एक किमी पहले ही लोको पायलेट को इसका पता चल जाएगा। इंजन में डिस्प्ले बोर्ड भी होगा। इस पर बाकायदा इसके संकेत आने लगेंगे। इससे चालक सतर्क हो जाएगा।

यह सुरक्षा की दृष्टि से तो महत्वपूर्ण होगा ही। साथ में, अगर लोको पायलेट को सही स्थिति का पता होगा तो वह निश्चिंत होकर बेहतर गति के साथ ट्रेनों का संचालन कर पायेगा। इस डिवाइस को लगाने की करीब सभी औपचारिकतायें पूरी हो चुकी हैं। जल्द ही कंपनी इसको लगाने का काम भी शुरू करेगी। लक्ष्य ये है कि दिसंबर की समाप्ति तक यहां से होकर जाने वाली सभी ट्रेनों में इसकी फिटिंग कर दी जाये।

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यह ट्रेनें जाती हैं कुमाऊं मंडल से

काठगोदाम से नियमित चलने वाली सबसे लंबी दूरी की गाड़ी बाघ एक्सप्रेस है। इसके अलावा मुख्य रूप से रानीखेत एक्सप्रेस, साप्ताहिक गरीब रथ, लालकुआं-हावड़ा एक्सप्रेस, रामनगर-ब्रांदा लंबी दूरी की ट्रेन, रामनगर-आगरा ट्रेनें संचालित होती हैं। इनके अलावा काठगोदाम-लखनऊ एक्सप्रेस (तीन दिन), संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (दिल्ली को नियमित) और शताब्दी ट्रेन का भी संचालन होता है।

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