एटीएम क्लोनिंग बनाकर लाखों रूपए उड़ाने वाले जल्द होंगे पुलिस की गिरफ्त में, जांच करेगी एसआइटी

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देहरादून। हाल ही में देहरादून में एटीएम कार्ड की क्लोनिंग के जरिये लाखों रूपए निकाले जा चुके हैं जिसके कारण सभी खाताधारकों में हडकंप का माहौल है। वारदात करने वालों का अभी कोई पता नहीं चल पाया है। लेकिन ज्यादा दिनों तक अब ये अपराधी पुलिस के चंगुल से बच नहीं पाएंगे। इन्हें अपने शिकंजे में लेने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया है। इसकी कमान एसएसपी रिद्धिम अग्रवाल को सौंपी गयी है।

एटीएम क्लोनिंग

एटीएम क्लोनिंग करने वालों की विशेष जांच दल करेगी जांच

बता दें, एटीएम फ्रॉड के अबतक 50 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं जिसमें बैंक खातों से लाखों रुपये की नकदी चोरी हो चुके हैं। ऐसे में छानबीन के लिए एसआइटी के अलावा पुलिस और साइबर थाना भी मदद करेगा। धर्मपुर क्षेत्र से भी फ्राड का शिकार हुए खाताधारकों को पुलिस ने कुछ दिनों तक अकाउंट फ्रीज करने को कहा है।

एटीएम फ्रॉड की लगातार बढ़ रही इन घटनाओं को लेकर पुलिस महानिदेशक एमए गणपति अधिकारियों के साथ बैठक कर एसआइटी गठित करने का निर्देश दिया था साथ ही देहरादून के सभी एटीएम को चेक कराने और एटीएम फ्रॉड रोकने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए।

डीजीपी एमए गणपति ने बताया कि यह मामला ऑनलाइन साइबर क्राइम नहीं, बल्कि एटीएम फ्रॉड है। इसके खुलासे के लिए एसआइटी का गठन किया गया है। एसटीआइटी इन मामलों में अन्य राज्यों की पुलिस से भी मदद लेगी।

इस बैठक के बाद एडीजी कानून-व्यवस्था राम सिंह मीणा ने सभी अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में उन्होंने धर्मपुर के दो एटीएम से स्कीमर मिलने के बाद पुलिस को आदेश दिया है कि वहां के सभी एटीएम की चेकिंग की जाये।

उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर उनकी जयपुर के डीसीपी क्राइम से बातचीत हुई है। दरअसल, वहां इस तरह के अपराध करने वाले बिहार, नोएडा और पुणे के गैंग पकड़े गए हैं। इसलिए जयपुर पुलिस से भी इस मामले में सहायता ली जा रही है।

इसके अलावा राम सिंह मीणा ने जनता से अपील की है कि सभी लोग अपने एटीएम का पिन चेंज कर लें। इसके अलावा धर्मपुर क्षेत्र के एटीएम से पैसा निकलने वाले कुछ दिनों तक अपना अकाउंट फ्रीज कर लें।

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