बिल गेट्स और पीएम मोदी के बीच खास बातचीत, बोले- कोरोना वायरस के खिलाफ सबको आना चाहिए एकसाथ

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के चलते दुनियाभर के अधिकतर देशों की हालत बहुत खराब हो चुकी है। लगातार बढ़ते संक्रमितों और मौतों के आंकड़ों के सरकारों की चिंता को बढ़ा दिया है। भारत में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या 81 हजार के पार पहुंच गई है। वहीं देश अब पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए काम कर रहा है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिल गेट्स के बीच बातचीत हुई है।

बिल गेट्स ने  बातचीत और साझेदारी के लिए पीएम नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया । उन्होंने कहा कि महामारी का मुकाबला करने के लिए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता है। भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है क्योंकि सामाजिक और आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए काम करता है, और सभी के लिए वैक्सीन, परीक्षण और उपचार की पहुंच का मार्ग प्रशस्त करता है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करते हुए बिल गेट्स और पीएम मोदी ने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के उपायों को लेकर चर्चा की। साथ ही पीएम मोदी ने महामारी से लड़ने के लिए भारत द्वारा उठाए जा रहे कदमों का भी जिक्र किया।

महामारी के खिलाफ पीएम मोदी के कदमों की कर चुके हैं तारीफ

इससे पहले बिल गेट्स ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कोरोना महामारी के खिलाफ भारत के प्रयासों के लिए उनकी तारीफ की है। उन्होंने कहा था कि मैं कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए आपके नेतृत्व के साथ-साथ आपकी और आपकी सरकार के सक्रिय कदमों की सराहना करता हूं। देश में हॉटस्पॉट चिह्नित करने और लोगों को आइसोलेशन में रखने के लिए लॉकडाउन, क्वारंटाइन के साथ-साथ इस महामारी से लड़ने के लिए जरूरी हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाना सराहनीय है।

2015 में दी थी चेतावनी

इन सबसे बीच बिल गेट्स का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। ये वीडियो वर्ष 2015 का है जिसमें वह कह रहे हैं कि मनुष्‍यता का अगला हमला हथियारों से नहीं, बल्कि वायरस से होगा। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2015 में अफ्रीका में इबोला वायरस के संकट के वक्त गेट्स ने एक कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अगले कुछ दशकों में 1 करोड़ लोगों की मौत की वजह कोई युद्ध या मिसाइल नहीं बल्कि तेजी से फैलने वाला कोई वायरस हो सकता है।

साथ ही गेट्स ने इस चेतावनी की वजह भी बताई थी। उन्होंने कहा था कि हम परमाणु हमलों को लेकर कुछ ज्यादा ही खर्च कर रहे हैं। लेकिन महामारियों को रोकने के लिए काफी कम पैसा खर्च किया जा रहा है।

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