कोरोना काल में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करेगी स्पेशल ट्रेन

कोरोना संकट के बीच रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि दिल्ली के शकूरबस्ती स्टेशन पर 50 कोविड-19 आइसोलेशन कोच तैयार हैं

नई दिल्ली: देश में कोरोना के मामले रोज नया रेकॉर्ड बना रहे हैं और इसके साथ ही देश के कई राज्यों में ऑक्सीजन की कमी की भी खबरें आ रही है। रेलवे ने लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन ( LMO ) और ऑक्सीजन सिलेंडरों को ले जाने के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस ( OXYGEN Express ) चलाने की योजना बनाई है। इन ट्रेनों को निर्बाध गति से चलाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। रेल मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी है। महाराष्ट्र से खाली टैंकर सोमवार को चलेंगे जो विशाखापत्तनम, जमशेदपुर, राउरकेला, बोकारो से ऑक्सीजन उठाएंगे ।

रेलवे ने बताया कि टेक्निकल ट्रायल्स के बाद खाली टैंकरों को कलमबोली/बोइसर से मुंबई भेजा जाएगा और फिर वहां से वाइजाग जमशेदपुर/राउरकेला/बोकारो भेजा जा रहा है। वहां इनमें लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन भरी जाएगी। कोविड संक्रमण के गंभीर मामलों के इलाज में ऑक्सीजन की अहम भूमिका है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सरकारों ने रेलवे से यह पता लगाने का अनुरोध किया था कि क्या रेलवे लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंकरों को ले जा सकती है।

पीयूष गोयल ने कहा

कोरोना संकट के बीच रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि दिल्ली के शकूरबस्ती स्टेशन पर 50 कोविड-19 आइसोलेशन कोच तैयार हैं जिनमें 800 बिस्तरों की सुविधा है। इसी तरह आनंद विहार स्टेशन पर 25 कोच कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि राज्यों की मांग पर रेलवे देशभर में 3 लाख से अधिक आइसोलेशन बेड्स का इंतजाम कर सकती है।

उत्तर रेलवे के जीएम ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेस में कहा कि हर आइसोलेशन कोच में दो ऑक्सीजन सिलिंडर रखे गए हैं। अगर ज्यादा की जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार को इसका इंतजाम करना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर रेलवे के नेटवर्क में 463 कोविड आइसोलेशन कोच हैं। ये राज्यों की मांग पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कोविड आइसोलेशन कोचेज के लिए राज्यों से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन में फीस लेने का कोई प्रावधान नहीं है।

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