स्टैंड अप कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी इंदौर जेल से रिहा

भोपाल : स्टैंड अप कॉमेडियन (Stand up comedian) मुनव्वर फारुकी (Munavar faruki) रविवार को इंदौर (Indore) जेल से रिहा हो गए, कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप में उन्हें एक महीने पहले गिरफ्तार किया गया था। इंदौर सेंट्रल जेल के उप अधीक्षक ने कहा कि फारुकी को आधी रात के करीब रिहा किया गया। बता दें कि फारुकी को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अंतरिम जमानत दी थी।

शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (high Court) के आदेश को चुनौती देने वाली हास्य अभिनेता की याचिका पर मध्य प्रदेश पुलिस को नोटिस जारी किया और उसे प्रयागराज अदालत द्वारा जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी। कॉमेडियन को जेल के मुख्य द्वार पर मीडियाकर्मियों से बचने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रविवार को जेल के दूसरे दरवाजे से छोड़ दिया गया।

हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी का आरोप

भाजपा विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के पुत्र एकलव्य सिंह गौड़ की शिकायत के बाद फारुकी और चार अन्य को मध्य प्रदेश पुलिस ने 1 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया था, साथ ही नए साल के दिन इंदौर में एक कैफे में एक कॉमेडी शो के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर मजाक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, इस सिलसिले में एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था।

फारुकी न्यायिक रिमांड में था और इंदौर सेंट्रल जेल में बंद था। फारुकी को सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मिली, इसके पहले मजिस्ट्रेट अदालत, एक सत्र अदालत और उच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

प्रयागराज मामले में रिहाई नहीं

प्रयागराज की एक अदालत ने सोशल मीडिया पर उनके द्वारा हिंदू देवी-देवताओं के कथित अपमानजनक चित्रण के एक मामले में फारुकी ((Munavar faruki) के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। सोशल मीडिया पर अपने वायरल वीडियो क्लिप में हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने और अपमान करने का आरोप लगाते हुए पिछले साल अप्रैल में एक वकील द्वारा कॉमेडियन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

इंदौर मामले में जमानत मिलने के बाद, जब फारुकी के वकीलों ने शनिवार शाम को जमानत के कागजात को जेल में ले गए, तो जेल प्रशासन ने उन्हें इंदौर मामले में रिहा कर दिया, लेकिन प्रयागराज मामले में कॉमेडियन को रिहा नहीं किया और उन्हें प्रयागराज  भेजने की तैयारी शुरू कर दी। पुलिस की इस कार्रवाई को फारुकी के वकील ने कोर्ट की अवहेलना करार दिया।

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