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सरकार के सबका साथ सबका विकास में बेहद अहम् साबित हो रही है Stand Up India Scheme

नई दिल्ली : फाइनेंस मिनिस्ट्री ने रविवार को जारी किये अपने बयान में बताया कि बैंकों ने महिलाओं और एससी और एसटी के बीच उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए पिछले पांच सालों में Stand Up India Scheme के तहत लगभग 1,14,322 लाभार्थियों को 25,586 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

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फाइनेंस मिनिस्ट्री ने एक बयान में कहा की स्टैंड-अप इंडिया का मकसद महिलाओं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणियों के बीच उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है ताकि यह दोनों तबक़े उद्यम शुरू कर आगे दूसरों की मदद कर सकें।

इस योजना के तहत, हर बैंक कम से कम एक अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति और महिला उधारकर्ता को 10 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के बीच लोन प्रोवाइड कराएगा। 5 अप्रैल, 2016 को शुरू की गई इस स्कीम में आंकड़ों के अनुसार 23 मार्च तक 93,094 महिलाओं को 21,200 करोड़ रुपये का लोन दिया जा चुका है।

साल 2025 तक चलेगी Stand Up India Scheme

सरकार इस स्कीम को साल 2025 तक चलाएगी। 18 साल से ऊपर की उम्र के एससी,एसटी और महिलाओं को इस स्कीम का लाभ दिया जाना है।

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