सरकार ने सरकारी प्राईमरी स्कूलों को दिए 2625 टेबलेट्स, 8393 पदों पर जल्द होगी भर्ती

वर्चुअल समागम में कैप्टन सिंह के साथ चार हजार से अधिक स्कूलों के अध्यापक, विद्यार्थी और उनके माता-पिता जुड़े और वैबऐकस, फेसबुक और यूट्यूब के जरिये मंत्री, विधायक, अधिकारी और नॉन-टीचिंग स्टाफ के सदस्य भी जुड़े।

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने स्कूलों को कोविड संकट के बावजूद शत प्रतिशत नतीजे हासिल करने के समर्थ बनाने के लिये 372 सरकारी प्राईमरी स्कूल के छात्रों को 2625 टेबलेट्स बाँटे और 1467 स्मार्ट स्कूलों का वर्चुअल (ऑनलाइन) ढंग से उद्घाटन किया।

आज इस वर्चुअल समागम में कैप्टन सिंह के साथ चार हजार से अधिक स्कूलों के अध्यापक, विद्यार्थी और उनके माता-पिता जुड़े और वैबऐकस, फेसबुक और यूट्यूब के जरिये मंत्री, विधायक, अधिकारी और नॉन-टीचिंग स्टाफ के सदस्य भी जुड़े।

अध्यापकों के 8393 पदों का ऐलान

उन्होंने प्री-प्राईमरी स्कूल अध्यापकों के 8393 पदों का ऐलान करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग इन पदों को जल्द भरेगा। उनकी सरकार की तरफ से 14064 ठेके पर रखे अध्यापकों की सेवाएं रेगुलर कर दी गई हैं । उन्होंने अध्यापकों के कल्याण के लिये उठाये गए कई कदमों पर रोशनी डालते हुये कहा कि पचास साल से कम की महिला शारीरिक शिक्षा अध्यापिकाओं को कराटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे सभी छात्राओं को कराटे का प्रशिक्षण दे सकें।

आज पंजाबी सप्ताह की समाप्ति के मौके पर मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा मंत्री तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा को निर्देश दिए कि पंजाबी भाषा के प्रचार और पटियाला सैंट्रल पुस्तकालय के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की जाये। उन्होंने कहा कि पंजाबी, पटियाला की सरकारी भाषा फ़ारसी की जगह 1940 में ही बन गई थी। महाराजा भूपिन्दर सिंह ने 1938 में पहला पंजाबी टाइपराइटर बनाया था।
कैप्टन सिंह ने बताया कि पंजाबी को कनाडा और इंगलैंड में अधिकारित भाषा का दर्जा मिल चुका है। इन देशों में पंजाबी मूल के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं। इस तरह वैश्विक स्तर पर पंजाबी को मान्यता मिल चुकी है। पंजाबी भाषा हर पंजाबी व्यक्ति के दिल और मन में बसनी चाहिए। सरकारी स्कूलों में 3.7 लाख विद्यार्थियों ने अंग्रेज़ी माध्यम को चुना है।

वीडियो लैक्चरों के द्वारा डिजिटल शिक्षा ढांचे को मज़बूत करना है 

कोविड संकट के कारण पढ़ाई को लेकर आयी परेशानी के बारे में उन्होंने कहा कि मिशन शत प्रतिशत का मकसद स्कूलों में ई-बुकस, एजूसेट लैक्चरों, ई-कंटैंट और ज़ूम एप, रेडियो चैनल, टी.वी. लैक्चरों के प्रसारण, ख़ान अकैडमी के लैक्चरों और अध्यापकों के द्वारा तैयार वीडियो लैक्चरों के द्वारा डिजिटल शिक्षा ढांचे को मज़बूत करना है।

स्मार्ट स्कूलों की तरफ से पंजाब में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिये दिये गये योगदान के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 19107 सरकारी स्कूलों में से मौजूदा समय 6832 स्मार्ट स्कूल हैं जिनमें आज 1467 अन्य स्मार्ट स्कूलों का विस्तार हुआ है। शेष स्कूलों को भी स्मार्ट स्कूल बनाने के लिए जल्द ही 13859 प्रोजेक्टर प्रदान कर दिए जाएंगे और स्कूलों की डिजीटाईजेशन के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का उपबंध किया गया है।

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