राम मंदिर का नाम लेने पर अखिलेश ने मंत्री की छीनी लालबत्ती

FotorCreated3-580x395नई दिल्ली। राम मंदिर मुद्दे पर मुंह खोलना यूपी के एक दर्जा प्राप्‍त मंत्री ओमपाल नेहरा को भारी पड़ गया। उन्‍होंने अयोध्‍या में राम मंदिर के लिए पत्‍थर तराशे जाने के विवाद की वकालत करते हुए मंदिर बनाने की वकालत की थी। उन्‍होंने कहा था कि अयोध्‍या में राम मंदिर और मथुरा में कृष्‍ण मंदिर बनाने की जरूरत है। उनका यह बयान यूपी के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव को नागवार गुजरा, और उन्‍होंने नेहरा की लाल बत्‍ती ही छीन ली। उनसे राज्‍यमंत्री का दर्जा भी छीन लिया गया है।

यूपी के बिजनौर में मनोरंजन कर के सलाहकार और प्रदेश में राज्य मंत्री का दर्जा पाए नेता ओमपाल नेहरा ने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर और मथुरा में कृष्ण मंदिर बनाने की जरूरत है। नेहरा ने मुस्लिम समाज से मंदिर बनाने में सहयोग की अपील भी की थी।

नेहरा ने इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया है कि कल शाम में डीएम ने उन्हें इस बात की जानकारी दी। नेहरा ने कहा कि उन्‍होंने कहा था कि सेक्युलर नेता और मुस्लिम बुद्धिजीवियों को एक साथ आकर इस मुद्दे पर समाधान निकालना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि राम मंदिर के अलावा बीजेपी का यूपी में कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए यह मुद्दा एक बार में हमेशा के लिए बंद हो जाना चाहिए।

अखिलेश सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा पाए नेहरा का ये बयान इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि 2017 में यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले बीजेपी और उसके सहयोगी संगठन राम मंदिर का मुद्दा गर्मा चुके हैं।

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