राहुल के PM पर वार के बाद फ्रांस सरकार का बयान- राफेल डील है सीक्रेट, नहीं कर सकते सार्वजनिक

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नई दिल्ली। मौजूदा सत्तारूढ़ सरकार आज चार में पहली बार अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रही है। चर्चा की शुरूआत तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा)के जयदेव गल्ला ने की।

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सदन में चर्चा के दौरान राफेल डील पर जोरदार बहस देखने को मिली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के गंभीर आरोपों का रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 25 जनवरी 2008 को फ्रांस के साथ सीक्रेसी अग्रीमेंट कांग्रेस की ही सरकार ने किया था, हम तो इसे आगे बढ़ा रहे हैं। इस अग्रीमेंट में राफेल डील भी शामिल है।

दरअसल, राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दबाव में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने राफेल डील को लेकर देश से झूठ बोला है। रक्षा मंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी उस समय तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी ने फ्रांस की सरकार के साथ सीक्रेसी अग्रीमेंट्स किया था।

पइसके बाद से फ्रांस सरकार की तरफ से राफेल डील पर बड़ा बयां आया है।फ्रांस सरकार की ओर से कहा गया है कि राफेल डील की जानकारी दोनों देश सार्वजनिक नहीं कर सकते।

फ्रांस सरकार ने एक बयान में कहा, राहुल गांधी ने संसद में जो बयान दिया, हमने उसे नोट किया है। 2008 में भारत और फ्रांस के बीच एक रक्षा करार हुआ था जिसके तहत दोनों देश क्लासीफाइड सूचनाएं न देने के लिए कानूनन बाध्य हैं।

वहीँ फ्रांस सरकार ने अपने दूसरे बयान में कहा, सूचनाएं सार्वजनिक होने से भारत और फांस के रक्षा उपकरणों की सुरक्षा और क्षमता प्रभावित हो सकती है। 23 सितंबर 2016 को भारत और फ्रांस के बीच हुए आईजीए के तहत ये प्रावधान लागू होते हैं, जो 36 राफेल विमानों और हथियारों से संबंधित हैं।

फ्रांस सरकार के बयान में कहा गया है कि 9 मार्च 2018 को इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि राफेल करार काफी संवेदनशील है और इसके बारे में विवरण नहीं दे सकते।

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