स्टीफन हॉकिंग का लखनऊ से है पुराना संबंध, सीडीआरआइ में वैज्ञानिक थे पिता फ्रैंक

लखनऊ: फ्रैंक हॉकिंग को वर्ष 1951 में सीडीआरआइ के पहले निदेशक सर एडवर मेलेन्बी उन्हें संस्थान लेकर आए थे। सीडीआरआइ के प्रवक्ता ने बताया कि सर मेलेन्बी ब्रिटेन से थे और उनके फ्रैंक से करीबी ताल्लुक थे। सीडीआरआइ तब छतर मंजिल में स्थित था। राजधानी में जब फ्रैंक काम कर रहे थे तब स्टीफन हॉकिंग उनके पास कुछ दिन रहने आए थे। बताया जाता है कि स्टीफन की बहन ने राजधानी के एक स्कूल में शिक्षा ग्रहण की थी। विख्यात वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का लखनऊ से भी कनेक्शन रहा है।

स्टीफन हॉकिंग का जन्म आठ जनवरी 1942 को ऑक्सफोर्ड में हुआ था। इन्होंने ब्लैक होल और बिग बैंग थ्योरी को समझने में अहम योगदान दिया था। 14 मार्च 2018 को 76 साल की आयु में उनकी मौत हो गई थी। स्टीफन पर लिखी गई एक पुस्तक में भी उनके लखनऊ कनेक्शन का जिक्र है। स्टीफन के पिता इंग्लैंड में नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल रिसर्च के प्रमुख थे। 21 साल की उम्र में डॉक्टरों ने बता दिया था कि उन्हें मोटर न्यूरोन (एक ऐसी बीमारी, जो शरीर की नसों पर लगातार हमला करती है) नामक लाइलाज बीमारी है। डॉक्टरों ने स्टीफन को तब जीने के लिए महज दो या तीन साल का समय बताया था। इस बीमारी की जानकारी होने के बाद स्टीफन शोध कार्य में रम गए थे।

आपको बता दें की स्टीफन जब ऑक्सफोर्ड में स्कूल जाते थे, तब उनके पिता फ्रैंक हॉकिंग लखनऊ में शोध कर रहे थे। उस समय नौ-दस साल के रहे स्टीफन छुट्टियों में लखनऊ आकर पिता के पास रहते थे। फ्रैंक हॉकिंग केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआइ) में एक साल तक रहे थे। स्टीफन हॉकिंग की जयंती की पूर्व संध्या पर मंगलवार को सीडीआरआइ के वैज्ञानिकों ने फ्रैंक हॉकिंग से जुड़ी यादें ताजा कीं।

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