अभी भी जिन्दा है कोंटा की आस, कहा- एक दिन जरूर जीतूंगी विंबलडन

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लंदन| भले ही ब्रिटेन की महिला खिलाड़ी योहाना कोंटा इस बार तीसरे ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट विंबलडन से बाहर हो गई हों लेकिन उन्होंने अभी भी विंबलडन खिताब जीतने की आस नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा है कि वह एक दिन जरूर इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचेंगी और जीत हासिल करेंगी। आपको बता दें कि सेमीफाइनल में अमेरिका की वीनस विलियम्स के हाथों हारकर वह टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं।

योहाना कोंटा

योहाना कोंटा ने कहा- मैं इस समय जहां हूं, उससे खुश नहीं हूं

योहाना कोंटा अगर सेमीफाइनल में विलियम्स को हरा देतीं तो वह 1977 के बाद विंबलडन के फाइनल में पहुंचने वाली ब्रिटेन की पहली महिला खिलाड़ी बन जातीं। उनसे पहले वर्जिनिया वेड ने इस टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई थी। वीनस ने कोंटा को सेंटर कोर्ट पर खेले गए मैच में 6-4, 6-2 से मात दी।

कोंटा ने कहा है कि मैं इस समय जहां हूं, उससे खुश नहीं हूं। मैं अपने आप को बेहतर खिलाड़ी बनाने के लिए मेहनत कर रही हूं। मुझे निश्चित ही अपने आप में काफी सुधार करना है। यह मेरे लिए और मेरी टीम के लिए अच्छा होगा।

योहाना कोंटा ने अपने इस साल के विंबलडन के सफर को यादगार बताया है। उन्होंने कहा कि मेरा विंबलडन का अनुभव यादगार रहा है। इस तरह के कोर्ट पर इस तरह के समर्थन के साथ खेलना मेरे लिए विशेष अहसास रहा है।

कोंटा ने पिछले साल आस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में प्रवेश किया था जहां वह जर्मनी की एंगलिक कर्बर से मात खा बैठी थीं। आस्ट्रेलिया में जन्मी यह खिलाड़ी भविष्य में विंबलडन में अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है।

उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा कोई कारण नहीं दिखता जिससे मुझे ऐसा लगे कि मैं भविष्य में यह खिताब नहीं जीत सकती। इस टूर्नामेंट के शीर्ष पांच में पहुंचना शानदार है, लेकिन मैं और बेहतर करना चाहती हूं।

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