नया सेशन शुरू होने पर भी नियुक्त नहीं किए गए टीचर्स, पढ़ने के लिए स्टूडेंट्स को जाना पड़ रहा काफी दूर

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त्यूनी। उत्तराखंड में शिक्षा विभाग सत्र शुरू होने के बाद भी नए टीचर्स की नियुक्ति करने में असफल रहा। जिन स्कूलों में टीचर्स की नियुक्ति करनी है उनकी संख्या भी कम नहीं है। राज्य के करीब 16 जूनियर हाईस्कूल ऐसे हैं जहां अब भी काफी पद खाली ही पड़े हैं। यही वजह है कि पढ़ाई जारी रखने के लिए स्टूडेंट्स को अपने घरों से 10 से 12 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।

स्टूडेंट्स

स्टूडेंट्स को पढ़ाई के लिए करना पड़ रहा संघर्ष

चकराता विकासखंड में कुल 47 जूनियर हाईस्कूल हैं जिनमें से 16 स्कूलों में अभी भी टीचर्स की भर्ती नहीं की गई है इसलिए ये स्कूल बंद हैं। इन स्कूलों से संबद्ध 350 छात्रों को पढ़ाई के लिए दूर-दराज के इलाकों में जाना पड़ता हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में 11 जूनियर हाईस्कूल ऐसे हैं जो महज एकल टीचर के भरोसे चल रहे हैं। मात्र 20 जूनियर हाईस्कूलों में ही पर्याप्त मात्रा में टीचर्स हैं।

पहले सरकार टीचर्स की नियुक्ति को कॉन्ट्रैक्ट में बदलने जा रही थी लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। यही वजह है कि राज्य सरकार टीचरों के रिक्त पदों को लगातार समाप्त कर रही थी।  दरअसल, राज्य सरकार चाहती है कि आने वाले समय में सरकारी टीचरों की स्थायी नियुक्ति के बजाय कांट्रेक्ट के आधार पर नियुक्ति हो।

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यही नहीं, माध्यमिक शिक्षा विभाग में 31059 पद सहायक अध्यापक व प्रवक्ताओं के स्वीकृत हैं। इनमें से 2700 पदों को पहले ही समाप्त किया जा चुके हैं। वहीं, बेसिक शिक्षा की बात करें तो इसमें सरकार 4000 से अधिक पदों को भी समाप्त करने की तैयारी है। इसकी वजह स्कूलों में तेजी से घटती छात्र संख्या को बताया जा रहा है।

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