SSC और रेलवे की तैयारी करने वाले छात्र सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलने की तैयारी में,करेंगे सोशल मीडिया का इस्तेमाल

NEET और JEE की परीक्षाओं पर मचे बवाल के बाद अब SSC CGL और रेलवे NTPC के छात्र सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं। छात्रों ने इन प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही लेटलतीफ़ी, ज्वाइनिंग में हो रही देरी जैसे मुद्दों और सरकार के ग़ैर ज़िम्मेदाराना रवैये के खिलाफ सरकार को जगाने के लिए एक कैंपेन चलाने की तैयारी में हैं।एसएससी और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र 1 सितम्बर को ट्विटर पर #SPEAKUPFORSSCRAILWAYSTUDENTS को ट्रेंड कराने की तैयारी में है।

SSC CGL-2018 के अब तक नहीं आये नतीजे

गौरतलब है की SSC CGL 2018 का नोटिफिकेशन 4 मई 2018 को आया था। जिसके बाद छात्रों ने फ़ार्म भरे। 4 जून 2019 को प्रीलिम्स परीक्षाएं हुई ,11 सितम्बर 2019 को मेन्स हुए और 29 दिसंबर 2019 को डिस्क्रिप्टिव एग्जाम हुए। लेकिन नतीजे अब तक नहीं आये है। इन नतीजों के बाद भी अभी कम्प्यूटर टेस्ट बाकी है। फिर डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन और फिर ज्वाइनिंग। जिससे साफ़ स्पष्ट है कि 3 साल लगने वाले हैं कम से कम।और ये हो जाए तो भी ठीक पर सरकार प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम ही नहीं ले रही है।

रेलवे एनटीपीसी का 2 साल में परिक्षा के लिए वेंडर तक नहीं हुआ डिसाइड

यही हाल 2019 लोकसभा चुनावों के पहले आये रेलवे NTPC के एग्जाम की। 1 मार्च 2019 को रेलवे NTPC का 90 हज़ार पदों के लिए निटोफिकेशन आया। लगभग तीन करोड़ फ़ार्म पड़े। हर छात्र से 500 रुपये फीस ली गई और कहा गया की परीक्ष के बाद सभी बच्चीं के 400 रूपये सब्सिडी के रूप में वापस कर दिए जायेंगे। अब जब की लगभग डेढ़ साल होने को है,अब तक सरकार परीक्षा कराने के लिए वेंडर तक नहीं तय कर पाई है।ऐसा लगता है जैसे 500 रूपये चुनाव लड़ने के लिए दान किये थे। कुछ छात्रों के तो मानना भी है की सरकार ने ये बस चुनाव के लिए पैसे इकट्ठे किये थे। इस घोर निराशा में भी छात्र जी जान से परिक्षाओं की तैयारी में लगे हैं।सरकार मोर और कुत्ते में फंसी हुई है।

छात्रों ने लिया सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का फैसला

ऐसे में छात्रों ने ही खुद की जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया है। छात्र 1 सितम्बर को सरकार के खिलाफ तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मोर्चा खोलने की तैयार में हैं।छात्रों को यह दर भी है की अगर सड़कों पर उतरते हैं तो सरकार उन्हें एंटीनेशनल घोषित कर के तमाम आरोपों में फंसा देगी। ऐसे में उन्होंने अपनी लड़ाई को ऑनलाइन लड़ने किआ फैसला लिया है। जहां ये अपनी बात रखेंगे

बेरोजगारी की मार से परेशान हैं देश के युवा

आँकड़ों पर नजर डालें तो देश में लगभग 10 करोड़ से ज्यादा लोग बेरोजगार हैं इस वक़्त। सिर्फ कोरोना से करोड़ो लोग बेरोजगार हो गए। अकेले जुलाई में 50 लाख से ज्यादा नौकरियां गई हैं।ऐसे में सरकार इन सवालों से बच रही है।सरकार के द्वारा बिना तैयारी के पिछले कुछ सालों में उठाये गए अंट संट कदम देश के लोगों पर भरी पडी हैं। देश में बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है। पर NEET JEE जैसी परिक्षावों पे जयादा जोर दिया जा रहा है क्योकी इनसे पैसे आने वाले हैं।लेकिन वहीं सैलून से लटकी प्रतियोगी परिक्षावों पर बिलकुल ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

Related Articles